कोलकाता में भारी बारिश का असर, दुर्गा पूजा में भी मौसम बना चिंता का कारण

गुरुवार, 25 सितंबर को कोलकाता में आसमान पूरी तरह से बादलों से ढका रहा। तापमान 26°C से 31°C के बीच रहा और दिनभर हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें देखने को मिलीं। नमी 79% रही, जबकि हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा और विजिबिलिटी (दृश्यता) 8 किलोमीटर रही, जो हल्की धुंध की वजह से कुछ कम थी।
शहर के कई इलाकों में बीच-बीच में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज़ हवाएं देखने को मिलीं, खासकर दक्षिण बंगाल के जिलों में। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30-40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई। हालांकि, वातावरण का दबाव सामान्य है और UV इंडेक्स 4 पर है, जिससे तेज धूप से थोड़ी राहत मिली है।
22-23 सितंबर को कोलकाता में 251.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो पिछले कई सालों में तीसरी सबसे ज्यादा सितंबर में हुई बारिश है। इससे पहले 28 सितंबर 1978 को 369.6 मिमी और 26 सितंबर 1986 को 259.5 मिमी बारिश हुई थी। बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया। गड़िया-कामदहारी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी और कालीघाट में 280 मिमी बारिश दर्ज हुई। इस जलजमाव ने मेट्रो, रेल और हवाई सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित किया और 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकतर की मौत करंट लगने से हुई।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 सितंबर के आसपास बंगाल की उत्तर-मध्य खाड़ी में एक नया लो प्रेशर सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) बन सकता है, जो 26 सितंबर तक डिप्रेशन (गहरा दबाव) में बदल सकता है और 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे 25-27 सितंबर के बीच दक्षिण बंगाल में फिर से भारी बारिश हो सकती है।
लगातार हो रही बारिश के चलते कोलकाता की वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। AQI फिलहाल 91 है, जो “मध्यम” श्रेणी में आता है। PM2.5 की मात्रा 30 µg/m³ और PM10 की 56 µg/m³ दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह AQI 59 से 84 के बीच रहा, जो पहले से बेहतर है। हालांकि, संवेदनशील लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश और जलभराव के कारण कोलकाता के कई प्रसिद्ध दुर्गा पूजा पंडालों को नुकसान पहुंचा है। सिंघी पार्क, हाथीबागान नबीन पाली, चालताबगान सर्वजनिन और नलिन सरकार स्ट्रीट जैसे बड़े पंडाल प्रभावित हुए हैं। मैडॉक्स स्क्वायर, त्रिधारा सम्मिलनी और बालीगंज कल्चरल एसोसिएशन जैसे लोकप्रिय पंडालों में भी जलभराव की समस्या बनी हुई है।
राज्य सरकार ने हालात को देखते हुए दुर्गा पूजा की छुट्टियां दो दिन पहले ही घोषित कर दी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता स्थित अपने आवास से वर्चुअल उद्घाटन की घोषणा की है ताकि लोग सुरक्षित रहें।





