AI साइंस-टेक्नोलॉजी

गलतियों से सीखकर Google ने AI रेस में मारी बाज़ी

Google को जब ChatGPT के आने के बाद AI की दौड़ में पीछे समझा गया था, तब कई विशेषज्ञों ने इसे नकार दिया था। मार्च 2023 में Google ने जल्दीबाजी में अपना ChatGPT जैसा AI टूल ‘Bard’ लॉन्च किया था, लेकिन इसके शुरुआती गलत जवाबों की वजह से इसे काफी मजाक का शिकार भी बनाया गया।

उस समय कई विश्लेषकों ने Google की मार्केट वैल्यू गिराई, यह सोचते हुए कि ChatGPT Google के सर्च इंजन पर कब्जा कर लेगा। लेकिन एक साल बाद, मई 2024 में Google ने अपनी सर्च में AI आधारित ‘Overviews’ फीचर पेश किया। हालांकि इस फीचर ने भी शुरुआत में कुछ अजीब जवाब दिए, जैसे ‘ग्लू पिज्जा’ का रेसिपी और ‘रॉक खाना’, लेकिन यह Google के सुधार की दिशा में पहला कदम था।

Google ने पिछले कई सालों से AI में भारी निवेश किया है। 2014 में उसने DeepMind नामक AI रिसर्च लैब खरीदी थी, जिसने ChatGPT जैसे मॉडल्स के लिए प्रेरणा दी। लेकिन Google का AI विकास ज़्यादातर उसके अपने प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने पर केंद्रित था, न कि सीधे यूजर्स के लिए।

Google के अंदर भी AI को लेकर कुछ उलझन थी। कंपनी ने 2024 के शुरुआती महीनों में एक बड़ी फेरबदल की, और सारे AI डेवलपर्स को Google DeepMind के तहत एकजुट किया। नोबेल पुरस्कार विजेता डेमिस हसाबिस को इस टीम का नेतृत्व सौंपा गया। CEO सुंदर पिचाई ने बताया कि नए AI चिप्स TPUs के आने से भी कंपनी को काफी मदद मिली।

मई 2025 में Google ने अपने डेवलपर कॉन्फ्रेंस में कई नए AI टूल्स लॉन्च किए, जिनमें वीडियो बनाने वाला टूल Veo 3 और AI मोड शामिल थे, जिसने Google सर्च को ChatGPT जैसा चैटबॉट बना दिया। अगस्त में नया Pixel स्मार्टफोन भी आया, जिसमें AI से 100 गुना ज़ूम और रियल टाइम ट्रांसलेशन की सुविधा थी। YouTube पर भी सितंबर में वीडियो जनरेशन फीचर लॉन्च किया गया। Google की ये नई तकनीकें अब सिर्फ डेमो नहीं हैं, बल्कि असली दुनिया में काम आ रही हैं।

Google का नया इमेज एडिटिंग प्रोग्राम Gemini, जिसे ‘Nano Banana’ भी कहा जाता है, iPhone ऐप स्टोर पर ChatGPT से भी ज्यादा डाउनलोड हुआ है। सरकारी मुकदमे में Google को Chrome ब्राउज़र बेचने से भी बचा लिया गया, जो कंपनी के लिए एक बड़ा राहत की बात है। खबरें हैं कि Apple भी अपने वॉइस असिस्टेंट Siri के AI को बेहतर बनाने के लिए Google के Gemini का इस्तेमाल कर सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि Google अभी मुफ्त सेवाएं देकर यूजर्स को अपनी AI तकनीक से जोड़ना चाहता है, लेकिन भविष्य में इससे बड़े पैमाने पर कमाई की योजना बना रहा है।

कुल मिलाकर, Google ने AI की दुनिया में अपनी जगह मजबूत कर ली है और अब यह इस क्षेत्र का बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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