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फैक्ट चेक: पुराने 500 रुपये के नोट लहराते बच्चे का यह वीडियो पाकिस्तान का नहीं, जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ बच्चे एक कबाड़ के ठेले में बैठकर नोटबंदी के दौरान बंद हुए नोटों की गड्डी को लहराते हुए व लोगों में बांटते हुए नजर आ रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो पाकिस्तान का है जहां कचरा ढोने वाले बच्चे नोटबंदी के दौरान बंद हुए भारतीय नोटों के साथ खेलते हुए नजर आ रहे हैं।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “पाकिस्तान में हमारे पुराने 500 रुपये के भारतीय नोट..।। विपक्ष पूछता है नोटबंदी से क्या हुआ..? काला धन कहां गया..? नोटबंदी से यह हुआ जिसके पास काला धन था वहीं सड़ गया और वो खुद बर्बाद हो गया। सबसे अधिक नुकसान पाकिस्तान को हुआ जिसकी अर्थव्यवस्था ही इसपर टिकी थी। जाली नोट भारत में भेज, बदले में भारत के असली नोट पाक मंगवा अपनी रोजी रोटी चला रहे थे.. कागज़ बेचने वाले लड़के अपने कचड़ा ठेले पर इन्हें लहरा रहे हैं। अब सवाल ये है कि पाकिस्तान में इतने अधिक मात्रा में भारतीय नोट कैसे पहुंचे.??”

 

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक: 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो पाकिस्तान का नहीं है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ शेयर किए गए कैप्शन में दी गयी जानकारी की पुष्टि के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल लेंस के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम सबसे पहले ZEE NEWS की वेबसाइट पर छपे एक लेख में मिला।

 

हालांकि यहाँ वीडियो को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गयी थी। इसलिए वीडियो की सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो बृजेश मिश्रा नामक एक इंस्टाग्राम यूज़र के अकाउंट पर मिला जिसे जनवरी 01, 2025 को अपलोड किया था।

 

बृजेश ने वीडियो साझा करते हुए बताया कि यह उनके भतीजे के अकाउंट पर अपलोड हुआ था, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया। उन्होंने बताया कि जब वे रास्ते से गुजर रहे थे तो एक ठेले पर कुछ लड़के पुराने नोटों की गड्डियों के साथ बैठे दिखाई दिए। उन्होंने मज़ाक में उन लड़कों से एक नोट भी मांगा था। हालांकि, अपने पोस्ट में बृजेश ने वीडियो की लोकेशन का उल्लेख नहीं किया।

 

वीडियो कहाँ का है? यह जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान ही हमे बृजेश मिश्रा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक और वीडियो मिला, जिसे जनवरी 02, 2025 को अपलोड किया गया था। इस वीडियो में वे उन बच्चों की मां से बातचीत करते हुए नज़र आते हैं, जो वायरल वीडियो में बंद हो चुके भारतीय नोटों के साथ दिखे थे। बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि ये बच्चे न तो पाकिस्तान के हैं और न ही उत्तराखंड के, बल्कि असम के निवासी हैं, जो लखनऊ में रहकर किसी तरह अपना जीवनयापन कर रहे हैं।”

पड़ताल के दौरान हमे मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो पाकिस्तान का नहीं बल्कि साल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking
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