चमोली के नंदानगर क्षेत्र में अतिवृष्टि से मचा हाहाकार, 12 लोग लापता

चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बीती रात एक बार फिर आसमान से आफत बरसी। कुंतरी और धुर्मा गांव में अतिवृष्टि के कारण भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, अब तक 12 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि दो महिलाओं और एक बच्चे को घायल अवस्था में निकालकर अस्पताल भेजा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, कुंतरी फाली और धुर्मा वार्ड में 27 से 30 मकान और गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी और एसपी सर्वेश पंवार मौके पर पहुंच चुके हैं। कुंवर सिंह (42), कांता देवी (38), विशाल (पुत्र कुंवर सिंह), नरेन्द्र सिंह (40), जगदम्बा प्रसाद (70), भागा देवी (65), विकास और देवेश्वरी देवी (65) मलबे में दबे होने की संभावना है।
🛑 नंदानगर अपडेट 🛑
रात्रि में अतिवृष्टि से कुंतरी व धुर्मा गाँव में भारी जन-धन हानि, कुछ ग्रामीण लापता।
👉 पुलिस-प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा
👉 DM/SP मौके के लिए रवाना
👉 नंदप्रयाग-नंदानगर मार्ग कई स्थानों पर अवरुद्ध pic.twitter.com/dmhMBgSLMZ— Chamoli Police Uttarakhand (@chamolipolice) September 18, 2025
धुर्मा गांव में गुमान सिंह (75) और ममता देवी (38) के लापता होने की सूचना है। एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई घर मलबे में दब गए हैं और कुछ लोग अभी भी घरों में फंसे हुए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार देर रात चमोली जिले में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालात की जानकारी ली। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने, प्रभावितों को तत्काल मदद पहुंचाने और असुरक्षित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए हैं।
जनपद चमोली के नंदानगर घाट क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से आस पास के घरों को क्षति पहुंचने की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। स्थानीय प्रशासन, @uksdrf व पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
इस संबंध में निरंतर प्रशासन से संपर्क में हूँ और स्वयं…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 18, 2025
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने प्रभावितों के लिए राहत शिविरों में भोजन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। साथ ही बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।





