बीसीसीआई का मास्टरस्ट्रोक! अपोलो टायर्स बना टीम इंडिया का नया स्पॉन्सर

ड्रीम11 के करार खत्म होने के बाद अब अपोलो टायर्स भारतीय क्रिकेट टीम का नया मुख्य प्रायोजक बन गया है। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि अपोलो टायर्स के साथ करार हो चुका है। हालांकि, बोर्ड की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपोलो टायर्स का बीसीसीआई के साथ यह करार 2027 तक रहेगा। इस डील के तहत कंपनी प्रति मैच 4.5 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी, जो ड्रीम11 के 4 करोड़ रुपये प्रति मैच के मुकाबले ज्यादा है। अपोलो टायर्स के अलावा इस बोली प्रक्रिया में कैनवा और जेके टायर ने भी हिस्सा लिया था, जबकि बिड़ला ऑप्टस पेंट्स ने निवेश में रुचि दिखाई थी, लेकिन बोली में शामिल नहीं हुई।
बीसीसीआई ने 2 सितंबर को भारतीय टीम के मुख्य प्रायोजक अधिकारों के लिए आवेदन मंगाए थे और मंगलवार को बोली प्रक्रिया पूरी हुई। बोर्ड ने गेमिंग, सट्टेबाजी, क्रिप्टो और तंबाकू ब्रांडों को इसमें भाग लेने की अनुमति नहीं दी थी।
अपोलो टायर्स के साथ यह साझेदारी भारतीय क्रिकेट के व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर को देखते हुए कंपनी के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने का बड़ा मौका मानी जा रही है। यह करार हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े और सबसे फायदेमंद स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
फिलहाल भारतीय पुरुष टीम यूएई में चल रहे एशिया कप में बिना जर्सी प्रायोजक के खेल रही है। महिला टीम भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में बिना प्रायोजक के उतरी थी। अब देखना होगा कि 30 सितंबर से शुरू हो रहे महिला वनडे विश्व कप में नया प्रायोजक महिला टीम की जर्सी पर दिखाई देता है या नहीं।
इससे पहले बीसीसीआई ने बायजू की जगह ड्रीम11 के साथ करार किया था। 2023 में हुई यह तीन साल की डील समय से पहले ही खत्म हो गई। ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के लागू होने के बाद ड्रीम11 ने अनुबंध से बाहर निकलने का फैसला किया था।





