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डीयू चुनाव में 90% ‘साफ-सफाई’, 100% वादों की बरसात… कौन बनेगा कैंपस का ‘किंग’?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव 2025 में इस बार नज़ारा बदला-बदला है। अदालत के दिशानिर्देश, विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव समिति की सख्ती ने पहली बार छात्र संगठनों को लिंगदोह समिति की सिफारिशों का पालन करने के लिए मजबूर किया है। कैंपस में अव्यवस्था फैलाने वाले तौर-तरीकों पर संगठनों ने खुद अंकुश लगाया है।

मुख्य चुनाव अधिकारी (डूसू) डॉ. राजकिशोर शर्मा के मुताबिक, अब तक 90 प्रतिशत सफलता मिल चुकी है और जल्द ही यह लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव एक-दो दिन में संभव नहीं था, बल्कि लगातार जागरूकता अभियान और छात्रों की भागीदारी से इसे संभव बनाया गया। इस बार ‘वाल ऑफ डेमोक्रेसी’ के अलावा कैंपस में कहीं बड़े होर्डिंग, पोस्टर, बैनर या लाउडस्पीकर नहीं दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, विश्वविद्यालय परिसर से बाहर अब भी लिंगदोह नियमों की अनदेखी की शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें धन और वैभव का प्रदर्शन सबसे बड़ा मसला है। चुनाव समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उल्लंघनों के मामलों में अदालत को निष्पक्ष तथ्य मुहैया कराए जा रहे हैं।

मुख्य संगठन और उनके वादे

इस बार छात्र संगठनों ने भी अपने मैनिफेस्टो और वादों में छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता दी है।

एनएसयूआई (NSUI) – 17 साल बाद महिला उम्मीदवार जोस्लिन नंदिता चौधरी को उतारकर संगठन ने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया है। पार्टी ने कॉलेजों में सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, पैड वेंडिंग मशीनें, कानूनी मदद केंद्र और NEP-2020 को वापस लेने जैसे वादे किए हैं।

एबीवीपी (ABVP) – मुफ्त/सस्ते वाई-फाई, मैट्रो पास, स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी और हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार जैसे वादों पर जोर।

एसएफआई-आइसा (Left Alliance) – फीस वृद्धि रोकने, हॉस्टल बढ़ाने, किराए नियंत्रण कानून की मांग और NEP, FYUP जैसे कोर्स सिस्टम की आलोचना।

कम-ज्ञात उम्मीदवार भी मैदान में

मुख्य संगठनों के अलावा कई छोटे समूह और स्वतंत्र उम्मीदवार भी चर्चा में हैं।

उमांशी (बौद्ध अध्ययन) – ‘मेनस्ट्रुअल लीव’, छात्रवृत्ति और संसाधनों के समान वितरण जैसे वादों के साथ।

योगेश मीणा (दिशा संगठन) – यूनियन के वित्तीय लेखांकन में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक स्थानों की बहाली।

राहुल कुमार (परिवर्तनकारी छात्र संगठन) – NEP-2020 के विरोध, फीस वृद्धि रोकने और हॉस्टल सुविधाओं के विस्तार की मांग।

मतदान और नतीजों की तारीखें

डीयू छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर 2025 को होगा और परिणाम 19 सितंबर 2025 को घोषित किए जाएंगे। तीसरे वर्ष के छात्रों को भी कुछ पदों के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति मिली है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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