
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश से हुई भारी तबाही का जायजा लिया। उन्होंने मंडी और कुल्लू जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और उसके बाद कांगड़ा में एक समीक्षा बैठक की। हिमाचल प्रदेश इस समय बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश से जूझ रहा है। इन प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 370 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 41 लोग लापता हैं। भारी बारिश से ₹4,122 करोड़ का नुकसान हुआ है।
हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल के लिए ₹1500 करोड़ की वित्तीय सहायता का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) की दूसरी किस्त अग्रिम रूप से जारी करेगी। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आवास योजना जैसी योजनाओं के लाभ भी तुरंत दिए जाएंगे।
Undertook an aerial survey to assess the situation in the wake of flooding and landslides in Himachal Pradesh. We stand firmly with the people in this difficult time and all efforts are being made to ensure continuous support to those affected. pic.twitter.com/Plryw5JDS0
— Narendra Modi (@narendramodi) September 9, 2025
पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ राहत ही नहीं, बल्कि एक बहुआयामी योजना के तहत पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसमें शामिल हैं:
-
क्षतिग्रस्त घरों का दोबारा निर्माण
-
स्कूलों की मरम्मत
-
राष्ट्रीय राजमार्गों की बहाली
-
पीएम राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) के तहत मदद
-
किसानों को पशुधन के लिए मिनी किट्स
उन्होंने बताया कि बिजली कनेक्शन से वंचित किसानों को विशेष सहायता दी जाएगी। सभी टूटी हुई इमारतों को जियो-टैग किया जाएगा, ताकि सही आकलन कर मदद जल्दी पहुंचाई जा सके। स्कूलों को भी इसी प्रक्रिया के तहत सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर सुधारने के लिए वर्षा जल संचयन के लिए संरचनाएं बनाई जाएंगी। केंद्र सरकार ने इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम भेजी है, जो नुकसान का आकलन कर रही है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की राहत घोषणाएं भी की जा सकती हैं।
राज्य आपदा केंद्र के मुताबिक, भारी बारिश से अब तक 6,344 मकान, 461 दुकानें व फैक्ट्रियां, और सरकारी व निजी जमीन को नुकसान पहुंचा है। 619 सड़कें, जिनमें 4 राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, अभी भी बंद हैं। साथ ही, 1,748 पावर ट्रांसफॉर्मर और 461 जल आपूर्ति योजनाएं बंद पड़ी हैं।





