भारत जल्द माफी मांगेगा और ट्रंप से करेगा समझौता: अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लटनिक ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अगले दो महीने के भीतर फिर से बातचीत की मेज पर लौटेगा और अमेरिका से ट्रेड डील करने के लिए तैयार होगा। लटनिक ने ब्लूमबर्ग टीवी से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है, हां, एक या दो महीने में भारत बातचीत की मेज पर होगा। वे कहेंगे कि उन्हें खेद है और वे डोनाल्ड ट्रंप के साथ डील करने की कोशिश करेंगे। फिर यह ट्रंप पर होगा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कैसे डील करते हैं।”
What an embarrassment. U.S. Commerce Secretary Howard Lutnick says that in a month or two, India will come crawling to the table, say sorry, and try to make a deal with Donald Trump. Pathetic.
You think we bow and say sorry? Because of Trump’s bad tariffs and his chaotic foreign… pic.twitter.com/XDcRItmBNd
— Wriddhi Moitra (@AdvWriddhi) September 5, 2025
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने नवंबर तक अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) करने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, 25 अगस्त को अमेरिकी वार्ताकारों ने नई दिल्ली की तय बैठक टाल दी थी और तब से नई तारीख घोषित नहीं हुई है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि भारतीय निर्यात पर लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ को हटाना औपचारिक बातचीत फिर से शुरू करने के लिए जरूरी है।
लटनिक ने कहा कि अमेरिका बातचीत को तैयार है, लेकिन भारत को कुछ रणनीतिक फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा, “भारत अपना बाजार नहीं खोलना चाहता, रूस से खरीद बंद नहीं करना चाहता और BRICS से भी नहीं निकलना चाहता। अगर यही आपकी पहचान है, तो ठीक है। लेकिन या तो डॉलर को सपोर्ट करो, अमेरिका को सपोर्ट करो, अपने सबसे बड़े ग्राहक को सपोर्ट करो, जो अमेरिकी उपभोक्ता है, नहीं तो 50% टैरिफ झेलो।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और किसी भी देश के लिए इसे नजरअंदाज करना मुमकिन नहीं। “चीनी हमारे यहां बेचते हैं। भारतीय हमारे यहां बेचते हैं। वे एक-दूसरे को नहीं बेच सकते। हम दुनिया के उपभोक्ता हैं। आखिरकार सभी को ग्राहक के पास लौटना पड़ता है, क्योंकि ग्राहक हमेशा सही होता है।”
लटनिक ने पीएम मोदी की हाल ही में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हुई मुलाकात को ‘दिखावा’ करार दिया। उन्होंने कहा, “कनाडा में भी यही हुआ था। उन्होंने प्रतिशोधी टैरिफ लगाए, सब दिखावा था। और फिर क्या हुआ? उनकी जीडीपी माइनस 1.6%, बेरोजगारी 8% के करीब और फिर उनके पीएम को टैरिफ हटाने पड़े। यही होता है, क्योंकि शुरुआत में अमेरिका से लड़ना अच्छा लगता है, लेकिन आखिरकार बिजनेस समुदाय कहेगा- ये बंद करो और अमेरिका से समझौता करो।”





