मौसम

15 साल का रिकॉर्ड टूटा: अगस्त 2025 में सबसे अधिक भीगा हिमाचल

हिमाचल प्रदेश ने इस अगस्त में पिछले 15 वर्षों की सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की है। शिमला स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में इस महीने 440 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 256.8 मिमी है। यह 72% की बढ़ोतरी दर्शाता है। भारी बारिश की वजह से सड़कों, घरों और संपत्तियों को बहुत नुकसान पहुंचा साथ ही कई लोगों की जान भी गई। इससे पहले 2019 में अगस्त महीने में सबसे अधिक 322.5 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस साल का आंकड़ा उससे करीब 120 मिमी ज्यादा है।

हिमाचल के सभी 12 जिलों में अगस्त में सामान्य से अधिक वर्षा हुई। लाहौल-स्पीति में 26% अधिक, जबकि कुल्लू में 162% की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। अन्य जिलों में भी सामान्य से दोगुनी से ज्यादा बारिश हुई, जिनमें चंबा (104%), सोलन (118%), ऊना (121%) और शिमला (126%) शामिल हैं। कांगड़ा में 29% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अगस्त के अंतिम सप्ताह में वर्षा सबसे ज्यादा हुई। इस दौरान राज्य में 165.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 42.4 मिमी है। यह 291% की वृद्धि है। चंबा (589%) और कुल्लू (458%) जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए, जहां भारी नुकसान दर्ज किया गया।

20 जून से मॉनसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में 826.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 613.8 मिमी है। यानी राज्य में सामान्य से 35% अधिक बारिश हुई है। आमतौर पर पूरे मॉनसून सीजन में हिमाचल में 734.4 मिमी बारिश होती है, जिसे इस बार पहले ही पार कर लिया गया है।

30 अगस्त को आई एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में 317 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें से 164 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, बादल फटने, डूबने और करंट लगने की वजह से हुईं। वहीं, 153 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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