विदेश

अमेरिका-भारत व्यापार तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री बोले – “अंत में हम साथ आएंगे”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ (शुल्क) लगाने के फैसले के बाद अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है। इसके बावजूद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भरोसा जताया है कि दोनों देश अंत में समझौते पर पहुंचेंगे। बेसेंट ने फॉक्स बिज़नेस से कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। मुझे लगता है कि अंत में हम एकजुट होंगे।” हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बातचीत अब पहले से ज्यादा जटिल हो गई है।

अमेरिका ने हाल ही में भारत पर यह कड़ा शुल्क तब लगाया है जब कुछ हफ्ते पहले ही उसने रूस से तेल और रक्षा उपकरण खरीदने के कारण भारत पर 25% अतिरिक्त जुर्माना लगाया था। यह कदम अब तक का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा एकतरफा एक्शन माना जा रहा है।

भारत का साफ संदेश: नई दिल्ली ने पहले ही यह साफ कर दिया है कि कृषि और डेयरी सेक्टर पर कोई समझौता नहीं होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, “मेरे देश के छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों के हित सर्वोपरि हैं। चाहे कितना भी दबाव आए, हम मजबूती से खड़े रहेंगे।”

बेसेंट ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद थी कि गर्मियों तक डील हो जाएगी, लेकिन भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात बातचीत को और कठिन बना रहा है। उन्होंने कहा, “भारतीय शुरुआती दौर में ही बातचीत के लिए आए थे, लेकिन आज तक समझौता नहीं हो पाया।” बेसेंट ने यह भी कहा कि व्यापारिक घाटा अमेरिका के पक्ष में है। “जब व्यापारिक रिश्तों में दरार आती है, तो घाटे वाला देश मजबूत स्थिति में होता है। भारत हमें ज्यादा बेच रहा है और उसकी टैरिफ दरें भी ऊंची हैं।”

हालांकि व्यापारिक विवाद गहरा रहा है, दोनों देशों ने यह दोहराया है कि रक्षा सहयोग, तकनीकी साझेदारी और रणनीतिक संवाद पहले की तरह जारी रहेंगे।

 

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button