AI और क्वांटम से लैस होगा सुदर्शन चक्र: CDS अनिल चौहान

भारत अब अपना घरेलू एयर डिफेंस सिस्टम बनाने की तैयारी कर रहा है, जो इज़राइल के मशहूर “Iron Dome” जैसा होगा। इस सिस्टम का नाम “सुदर्शन चक्र” रखा गया है। इसे इतना मजबूत बनाया जाएगा कि यह दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दे।
जनरल चौहान ने ‘रण संवाद 2025’ कार्यक्रम में कहा कि सुदर्शन चक्र को तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना होगा। इसमें सेना की तीनों शाखाओं – थलसेना, वायुसेना और नौसेना – की अहम भूमिका होगी। इसमें मिसाइल, रडार, निगरानी सिस्टम और कई हाई-टेक तकनीक शामिल होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में यह प्रोजेक्ट घोषित किया था। लक्ष्य है कि 2035 तक देश एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करे जो हमारे महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक ठिकानों को सुरक्षित रखे और दुश्मन को करारा जवाब दे सके।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हाल ही में पाकिस्तान के साथ भारत का बड़ा सैन्य संघर्ष हुआ था। इसके बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ने भारत के सिंधु नदी के डैम उड़ाने की धमकी दी थी। सीडीएस ने कहा कि इस सिस्टम में ग्राउंड, एयर, समुद्र, पानी के अंदर और अंतरिक्ष से जुड़े सेंसर का नेटवर्क बनाया जाएगा। इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और एडवांस कंप्यूटेशन का इस्तेमाल होगा।
इस सिस्टम का नाम भगवान विष्णु के दिव्य अस्त्र ‘सुदर्शन चक्र’ से लिया गया है। यह वही अस्त्र है जिसे भगवान कृष्ण ने भी धारण किया था। दिलचस्प बात यह है कि रूस से खरीदे गए S-400 सिस्टम को भी भारत में सुदर्शन चक्र कहा जाता है, जिसने मई में पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलों को नाकाम किया था। इज़राइल का ‘Iron Dome’ 2011 में तैनात किया गया था। यह सिस्टम रॉकेट और मिसाइल का पता लगाकर उन्हें हवा में ही नष्ट कर देता है। इसकी सफलता दर 85-90% तक है। इसी मॉडल को देखकर भारत अब अपना हाई-टेक डिफेंस शील्ड बनाने जा रहा है।





