थिंक टैंक से मुलाकात में जयशंकर ने दिया संकेत—भारत-रूस साझेदारी को नई दिशा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इन दिनों रूस के आधिकारिक दौरे पर हैं। अपनी यात्रा के दूसरे दिन बुधवार को उन्होंने रूस के प्रमुख विद्वानों और मशहूर थिंक टैंकों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान भारत-रूस संबंधों, मौजूदा वैश्विक राजनीति और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों पर विस्तृत बातचीत हुई।
जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा—“रूस के विद्वानों और थिंक टैंक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करके खुशी हुई। भारत-रूस संबंधों, मौजूदा वैश्विक हालात और भारत के दृष्टिकोण पर चर्चा हुई।”
Pleased to interact with prominent scholars and think tank representatives of Russia.
Discussed India-Russia relations, contemporary world geopolitics and India’s viewpoint.
🇮🇳 🇷🇺 pic.twitter.com/tzbdXKguAQ
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 20, 2025
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, जयशंकर की यह तीन दिवसीय यात्रा रूस के फर्स्ट डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मांतुरोव के निमंत्रण पर हो रही है। दौरे के दौरान जयशंकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 26वें सत्र की संयुक्त अध्यक्षता करेंगे, जिसमें व्यापार, आर्थिक सहयोग, विज्ञान, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया में बड़े पैमाने पर भू-राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पश्चिमी देशों और रूस के बीच चल रहे तनाव के बीच भारत और रूस अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊर्जा देने का काम करेगी।
भारत और रूस के रिश्ते लंबे समय से घनिष्ठ रहे हैं। रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी रही है। अब यह यात्रा संकेत देती है कि नई दिल्ली और मॉस्को बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच अपने संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।





