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सोमवार को लोकसभा में पेश होगी इनकम टैक्स बिल 2025 पर संसद समिति की रिपोर्ट

संसद की एक विशेष समिति सोमवार को लोकसभा में इनकम टैक्स बिल 2025 पर अपनी रिपोर्ट पेश करने जा रही है। यह नया बिल 1961 के आयकर अधिनियम की जगह लेने वाला है और देश की टैक्स प्रणाली में बड़े बदलाव का संकेत है। इस बिल को पहली बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 13 फरवरी को संसद में पेश किया था। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने इस बिल की जांच के लिए 31 सदस्यों वाली एक सेलेक्ट कमेटी बनाई थी, जिसकी अध्यक्षता बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा कर रहे हैं।

इस समिति ने 16 जुलाई को बैठक कर रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया। समिति ने कुल 285 सिफारिशें की हैं, जो अब मानसून सत्र के दौरान संसद में रखी जाएंगी। मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 21 अगस्त तक चलेगा। नए इनकम टैक्स बिल का उद्देश्य टैक्स कानून को आसान, स्पष्ट और विवाद रहित बनाना है। इसे पुराने कानून के मुकाबले काफी सरल भाषा में तैयार किया गया है। नया बिल पुराने 1961 वाले कानून से आधे आकार का है। जहां पुराना कानून करीब 5.12 लाख शब्दों का था, वहीं नया बिल करीब 2.6 लाख शब्दों में सिमटा है।

इस बिल में कुल 536 सेक्शन (धाराएं) हैं, जबकि पुराने कानून में 819 थे। इसी तरह नए बिल में सिर्फ 23 चैप्टर हैं, जबकि पुराने में 47 चैप्टर थे। इनकम टैक्स विभाग की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, नए कानून में ज्यादा स्पष्टता के लिए आसान भाषा और टेबल्स का इस्तेमाल किया गया है, खासकर छूट और टैक्स कटौती जैसे मामलों में। इसके अलावा पुराने कानून में शामिल 1,200 से ज्यादा ‘प्रविज़ो’ (शर्तें) और 900 से ज्यादा ‘एक्सप्लानेशन’ (व्याख्याएं) को हटाया गया है।

नए कानून में कुछ महत्वपूर्ण टर्म्स को भी आसान किया गया है। जैसे “पिछला वर्ष” और “मूल्यांकन वर्ष” जैसे शब्दों की जगह अब सिर्फ “टैक्स ईयर” (कर वर्ष) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। अब जिस साल आय होगी, उसी साल टैक्स भी चुकाना होगा।

इसके अलावा, गैर-लाभकारी संगठनों (NGOs) के लिए बनाए गए नियमों वाले चैप्टर को भी आसान और स्पष्ट भाषा में फिर से लिखा गया है, जिससे इस सेक्टर के लोगों को नियमों को समझने में मदद मिलेगी। जब यह बिल संसद में पेश किया गया था, तब वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा था कि यह कानून देश की टैक्स प्रणाली को ज्यादा सरल और प्रभावी बनाएगा। अब जबकि सेलेक्ट कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है, अगला कदम संसद की मंजूरी पर निर्भर करेगा।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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