विदेश

SCO बैठक में भारत की सक्रिय भूमिका: विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान और रूस के विदेश मंत्रियों से की मुलाकात

विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों आधिकारिक दौरे पर चीन में हैं, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने ईरान और रूस के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इन मुलाकातों की तस्वीरें साझा कीं। ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात पर उन्होंने लिखा, “एससीओ बैठक के मौके पर ईरान के विदेश मंत्री अराघची से मिलकर अच्छा लगा।”

इसके बाद उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की जानकारी दी और लिखा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से आज तिआनजिन में मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।”


यह एस जयशंकर की 2020 की गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद चीन की पहली यात्रा है। इस दौरे को भारत-चीन संबंधों में एक नए सिरे से बातचीत की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। एस जयशंकर ने अपने एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मिलकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शी जिनपिंग को शुभकामनाएं दीं।

जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आज सुबह बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हालिया प्रगति की जानकारी दी और भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं उन्हें पहुंचाईं। इस दिशा में हमारे नेताओं के मार्गदर्शन को हम महत्व देते हैं।” गौरतलब है कि जून 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई झड़प पिछले चार दशकों में सबसे घातक संघर्ष था, जिसमें दोनों देशों के जवानों की जान गई थी। इस पृष्ठभूमि में जयशंकर की यह यात्रा खास महत्व रखती है।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button