भारत में कुछ घंटों की रोक के बाद रॉयटर्स का एक्स अकाउंट फिर से हुआ सक्रिय, सरकार ने दी सफाई

भारत में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स का एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट रविवार को फिर से चालू कर दिया गया है। यह अकाउंट शनिवार रात से रविवार शाम तक करीब 24 घंटे तक भारत में बंद रहा। इस पर “कानूनी मांग के जवाब में” रोक लगाने का संदेश दिखाई दे रहा था, जिससे अटकलों का दौर शुरू हो गया था।
सरकारी हस्तक्षेप के बाद यह प्रतिबंध हटाया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार ने रॉयटर्स के एक्स अकाउंट को ब्लॉक करने का कोई आदेश जारी नहीं किया था। इसके बाद सरकार ने एक्स की पैरेंट कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा और अकाउंट को अनब्लॉक करने की मांग की। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार ने एक्स से स्पष्ट किया कि रॉयटर्स के अकाउंट को ब्लॉक करने की कोई वैध कानूनी आवश्यकता नहीं थी। कुछ ही घंटों बाद एक्स ने यह रोक हटा दी और अकाउंट को सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, मई 2024 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सरकार ने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अस्थायी रोक लगाने के आदेश दिए थे। अब माना जा रहा है कि एक्स ने गलती से उसी पुराने आदेश के तहत रॉयटर्स के अकाउंट पर भी रोक लगा दी, जबकि उस आदेश में रॉयटर्स का जिक्र नहीं था। सरकार ने कंपनी से इस गलती को जल्द से जल्द सुधारने को कहा। साथ ही कहा गया कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और त्वरित संचार की जरूरत है ताकि कोई गलतफहमी न हो।
इसी तरह चीन की सरकारी मीडिया संस्था ‘ग्लोबल टाइम्स’ और तुर्की की ‘टीआरटी वर्ल्ड’ के एक्स अकाउंट्स भी भारत में ब्लॉक कर दिए गए थे। इन पर भी “कानूनी मांग” का हवाला दिया गया था। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन अकाउंट्स को भारत में ब्लॉक करने की अब कोई आवश्यकता नहीं है और वह एक्स के साथ इस समस्या का समाधान खोजने के लिए बातचीत कर रही है।
एक सरकारी सूत्र ने बताया कि 7 मई को कुछ अकाउंट्स को लेकर आदेश जारी किया गया था, जिनमें शिन्हुआ समेत कई चीनी मीडिया अकाउंट शामिल थे। लेकिन उन आदेशों पर आंशिक अमल ही हुआ। रॉयटर्स का नाम उस सूची में नहीं था, बावजूद इसके इसका अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया। रॉयटर्स के केवल मुख्य एक्स अकाउंट और ‘Reuters World’ अकाउंट पर ही भारत में रोक लगी थी। रॉयटर्स टेक न्यूज, फैक्ट चेक, एशिया और चाइना जैसे क्षेत्रीय अकाउंट भारत में खुले हुए रहे।
इस पूरे घटनाक्रम पर रॉयटर्स की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। जब भारतीय यूजर्स ने मुख्य अकाउंट खोलने की कोशिश की, तो उन्हें एक नोटिस दिखा जिसमें कहा गया था कि यह अकाउंट कानूनी मांग के चलते भारत में प्रतिबंधित है। एक्स के हेल्प सेंटर के मुताबिक, यदि किसी देश की सरकार या कोर्ट की ओर से वैध कानूनी मांग आती है, तो कंपनी उस देश में किसी पोस्ट या अकाउंट को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर सकती है। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि इस मामले में कोई ऐसी वैध मांग नहीं की गई थी।
फिलहाल, रॉयटर्स का मुख्य अकाउंट भारत में फिर से सक्रिय है और यूजर्स इसे सामान्य रूप से एक्सेस कर पा रहे हैं।





