भारत

मॉनसून का कहर: बारिश ने मचाई तबाही, कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी

पूरे देश में इस समय मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है। दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में हुई बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों में यही बारिश अब आफत बन गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहां कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। इससे कई रास्ते बंद हो चुके हैं और लोगों की आवाजाही ठप पड़ गई है। बारिश के कारण छोटे-बड़े शहरों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं, जहां पहाड़ दरकने से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

मॉनसून की मार सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं है। मैदानी राज्यों में भी पानी ने कहर बरपाया है। झारखंड के जमशेदपुर में तो हालात इतने खराब हो गए कि भारी बारिश के चलते कई स्कूली बच्चे फंस गए, जिन्हें बाद में राहत टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला। इसी तरह उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी हालात चिंताजनक हैं। लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में जलभराव पैदा कर दिया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले सात दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। 30 जून को झारखंड के विभिन्न इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 1 जुलाई से 5 जुलाई तक झारखंड, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी और गंगा के मैदानी इलाकों में भी 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश और बिहार में 4 और 5 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी 5 जुलाई तक लगातार भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 29 जून से 3 जुलाई तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम बिगड़ा रह सकता है, जबकि 2 से 5 जुलाई के दौरान राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 29 जून से 2 जुलाई और पूर्वी हिस्सों में 30 जून व 1 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। 4 और 5 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में भी बारिश का जोर देखने को मिल सकता है।

पश्चिम भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट वाले हिस्सों और गुजरात राज्य में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मराठवाड़ा क्षेत्र में 29 और 30 जून को विशेष रूप से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसी तरह पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी अगले सात दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 5 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी लगातार जारी रह सकती हैं।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस बार मॉनसून पूरे भारत पर गहरी छाया डाल चुका है। कहीं यह राहत लेकर आया है, तो कहीं तबाही का मंजर दिखा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें। प्रशासन को भी अलर्ट मोड में रहने की सख्त जरूरत है ताकि समय रहते जानमाल के नुकसान को टाला जा सके।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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