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सीनेट में ट्रंप को बड़ी जीत, ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ पास, टैक्स में छूट और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारी खर्च

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ी राजनीतिक जीत तब मिली जब अमेरिकी सीनेट ने शनिवार को ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ को मंजूरी दे दी। यह अहम टेस्ट वोट 51-49 के बहुत ही करीबी अंतर से पास हुआ। रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर सांसदों ने बिल का समर्थन किया, हालांकि थॉम टिलिस, रॉन जॉनसन और रैंड पॉल ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में वोट दिया। बिल पर मतदान का सत्र बेहद नाटकीय रहा। उपराष्ट्रपति जेडी वांस खुद सीनेट पहुंचे ताकि अगर वोटिंग टाई हो जाती तो वे निर्णायक वोट दे सकें। मतदान प्रक्रिया तीन घंटे से ज्यादा चली, इस दौरान कई सांसदों ने निजी बातचीत की और बहस के चलते सीनेट में तनावपूर्ण माहौल बन गया। आखिरकार दो रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर बिल का विरोध किया, लेकिन फिर भी बहुमत से यह पास हो गया।

बिल पास होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘रिपब्लिकन पार्टी की शानदार जीत’ करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि “आज सीनेट में हमने ‘ग्रेट, बिग, ब्यूटीफुल बिल’ के साथ एक बड़ी जीत दर्ज की। यह जीत कुछ शानदार नेताओं के बिना संभव नहीं थी — सीनेटर रिक स्कॉट, माइक ली, रॉन जॉनसन और सिंथिया लुम्मिस ने बेहतरीन काम किया।” ट्रंप ने आगे कहा कि बतौर राष्ट्रपति वे इन नेताओं पर गर्व महसूस करते हैं और उनके साथ मिलकर अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, अनावश्यक खर्चों में कटौती करने, सीमा सुरक्षा को सख्त बनाने, सेना और पूर्व सैनिकों के हक की लड़ाई लड़ने, मेडिकेड सिस्टम को वास्तव में ज़रूरतमंदों तक पहुंचाने और अमेरिका के हथियार रखने के अधिकार यानी सेकंड अमेंडमेंट की रक्षा करने जैसे कामों को आगे बढ़ाएंगे।

इस कानून का नया ड्राफ्ट शुक्रवार आधी रात को पेश किया गया था, जिसकी लंबाई 940 पन्नों की है। यह बिल रिपब्लिकन पार्टी की कई बड़ी प्राथमिकताओं को एक साथ समेटता है। इसमें सबसे बड़ा एलान यह किया गया है कि अब टिप यानी सेवा के बदले दिए जाने वाले पैसे पर कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए 350 अरब डॉलर की भारी रकम का प्रावधान किया गया है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की विवादास्पद ‘मास डिपोर्टेशन’ योजना को भी समर्थन दिया गया है। इस योजना के तहत बड़ी संख्या में अवैध प्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकाला जाएगा।

हालांकि इस बिल को लेकर खुद रिपब्लिकन पार्टी के अंदर विरोध की आवाजें उठ रही हैं। इसकी वजह यह है कि बिल में जहां टैक्स में छूट और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खर्च बढ़ाने की बात है, वहीं दूसरी ओर इसमें मेडिकेड यानी गरीबों के लिए हेल्थकेयर सहायता और फूड स्टैम्प्स जैसी योजनाओं में कटौती की गई है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी पर होने वाले निवेश को भी कम कर दिया गया है, जो कई नेताओं को असहज कर रहा है। बिल के शुरुआती ड्राफ्ट में ‘मेडिकेड प्रोवाइडर टैक्स’ की कटौती को लेकर कानूनी अड़चनें थीं। नए ड्राफ्ट में इन कटौतियों को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है और ग्रामीण अस्पतालों व हेल्थकेयर सेवाओं के लिए 25 अरब डॉलर का एक विशेष फंड बनाने की घोषणा की गई है।

अब यह बिल आगे के मतदान और प्रक्रियाओं से होकर गुजरेगा, लेकिन फिलहाल ट्रंप और उनके समर्थकों ने इसे अपनी एक बड़ी कामयाबी मानते हुए जश्न मनाना शुरू कर दिया है। वहीं इस कानून को लेकर विरोध और समर्थन की बहस अभी भी तेज़ बनी हुई है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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