भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए भारत बना ‘पहला सहायक देश’

म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन ब्रह्म’ के तहत बड़ी राहत सामग्री भेजी है। भारत ने दो C-17 विमानों के जरिए 118 सदस्यीय भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 60 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि अब तक भारत से कुल पांच राहत उड़ानें म्यांमार पहुंच चुकी हैं।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि #OperationBrahma जारी है। दो C-17 विमान 118 सदस्यीय भारतीय सेना फील्ड अस्पताल इकाई और 60 टन राहत सामग्री के साथ म्यांमार पहुंच गए हैं। अब तक भारत से कुल पांच राहत उड़ानें म्यांमार पहुंच चुकी हैं।”
इसके अलावा, एक C-130 विमान ने भी म्यांमार की राजधानी नेप्यीदा में लैंड किया, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 38 सदस्य और 10 टन राहत सामग्री थी। भारत ने INS सतपुड़ा और INS सवित्री नामक दो नौसैनिक जहाज भी म्यांमार भेजे हैं। ये जहाज 40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून बंदरगाह की ओर रवाना हुए हैं। साथ ही, 118 चिकित्सा कर्मियों की टीम को आगरा से एयरलिफ्ट कर म्यांमार भेजा गया।
MEA ने बताया कि भारत ने म्यांमार को टेंट, कंबल, खाद्य पैकेट और आवश्यक दवाएं भेजी हैं। भारत के राजदूत राहत अभियान की निगरानी कर रहे हैं, और अब तक म्यांमार में रहने वाले भारतीय नागरिकों में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने म्यांमार के सैन्य सरकार प्रमुख मिन आंग हलाइंग से भी बात की और हर संभव मदद देने की बात कही।
म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से भारी नुकसान हुआ है। अब तक 1,644 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, और लगातार बचाव कार्य जारी है। भारत ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। भारत ने 80 सदस्यीय NDRF टीम को म्यांमार भेजा है। ये टीम खोज और बचाव अभियान के लिए विशेष उपकरण जैसे कंक्रीट कटर, ड्रिल मशीन, हथौड़े और प्लाज्मा कटिंग मशीन लेकर गई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जानकारी दी कि भारतीय नौसेना के जहाज INS सतपुड़ा और INS सवित्री 40 टन राहत सामग्री लेकर यांगून की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय वायुसेना का C-130J विमान भी राहत सामग्री लेकर म्यांमार पहुंच चुका है।





