भारत-चीन वार्ता: सीमा पर शांति और कैलाश-मानसरोवर यात्रा फिर शुरू करने पर चर्चा

भारत और चीन ने मंगलवार को सीमा (LAC) की स्थिति की समीक्षा की और सीमा पार सहयोग फिर से शुरू करने पर चर्चा की। इस दौरान कैलाश-मानसरोवर यात्रा और सीमा पार नदियों से जुड़े मुद्दों पर भी बात हुई। यह बैठक बीजिंग में भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार-विमर्श (WMCC) के तहत हुई।
बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के अधिकारी गौरंगलाल दास और चीन की ओर से अधिकारी होंग लियांग ने भाग लिया। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि बैठक सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई।
दोनों देशों ने माना कि सीमा पर शांति जरूरी है ताकि आपसी रिश्ते बेहतर हो सकें। बैठक में दिसंबर 2024 में बीजिंग में हुई भारत-चीन बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने और सीमा प्रबंधन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
भारत और चीन ने राजनयिक और सैन्य बातचीत को बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही, सीमा पार सहयोग फिर से शुरू करने, खासतौर पर सीमा पार नदियों और कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर भी चर्चा हुई।
दोनों देश इस साल भारत में होने वाली अगली विशेष प्रतिनिधि (SR) बैठक की तैयारी के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, भारतीय अधिकारी गौरंगलाल दास ने चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई से भी मुलाकात की। इससे पहले, भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 26-27 जनवरी को बीजिंग का दौरा किया था। उस दौरान हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने कैलाश-मानसरोवर यात्रा को 2025 की गर्मियों में फिर से शुरू करने का फैसला किया था।
यह बैठक अक्टूबर 2024 में कज़ान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत के बाद आयोजित की गई। जनता को फायदा पहुंचाने के लिए भारत और चीन ने सीधी हवाई सेवा फिर से शुरू करने पर भी चर्चा की। दोनों देशों के अधिकारी जल्द ही इस पर बातचीत कर नई व्यवस्था तैयार करेंगे।





