नागपुर हिंसा: एमडीपी नेता सहित सात गिरफ्तार, अब तक 112 लोग हिरासत में

महाराष्ट्र के नागपुर में इस सप्ताह की शुरुआत में हुई हिंसा के मामले में माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के एक नेता सहित छह अन्य लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के साथ ही अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, एमडीपी के कार्यकारी अध्यक्ष हामिद इंजीनियर और मोहम्मद शहजाद खान के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए हिंसा से संबंधित गुमराह करने वाली सूचनाएँ फैलाई थीं। इससे पहले, एमडीपी के प्रमुख फहीम खान को भी राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इस हिंसा के पीछे फहीम खान मुख्य आरोपी है।
पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि हिंसा से पहले हामिद इंजीनियर ने चंदा जुटाया था। 17 मार्च को नागपुर के विभिन्न इलाकों में उस समय बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी हुई जब यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर आयोजित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रदर्शन के दौरान कुरान की आयत लिखी चादर जला दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये अफवाहें निराधार और शरारतपूर्ण तरीके से फैलाई गई थीं। इस हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर के तीन अधिकारी भी शामिल हैं।
इस बीच, हिंसा में घायल हुए 40 वर्षीय इरफान अंसारी की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई। अंसारी सोमवार रात करीब 11 बजे नागपुर रेलवे स्टेशन से इटारसी जाने के लिए निकले थे। यह इलाका हिंसा से प्रभावित था। उनके परिजन यह स्पष्ट नहीं कर सके कि रेलवे स्टेशन जाते समय वह कैसे घायल हुए। अंसारी वेल्डिंग का काम करते थे।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।





