रायसीना संवाद में जयशंकर बोले – बदल रहा है वैश्विक आर्थिक समीकरण

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ते टैरिफ और प्रतिबंधों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अब ये सिर्फ आर्थिक उपाय नहीं रहे, बल्कि देशों के लिए अपने हितों की रक्षा करने के शक्तिशाली उपकरण बन चुके हैं।
जयशंकर ने नई दिल्ली में आयोजित रायसीना संवाद के पैनल “कमिसार और पूंजीपति: राजनीति, व्यापार और नई विश्व व्यवस्था” के दौरान कहा कि वित्तीय प्रवाह, ऊर्जा आपूर्ति और प्रौद्योगिकी जैसी कई आर्थिक गतिविधियों को बीते दशक में रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा है। उन्होंने कहा, “अब व्यापार केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय शक्ति और हितों की रक्षा का माध्यम भी बन चुका है।”
“Like it or not, they are a reality”: EAM Jaishankar on the use of tariffs, sanctions
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— ANI Digital (@ani_digital) March 19, 2025
जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने भारत सहित कई देशों से आयातित वस्तुओं पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की है। 13 मार्च को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी अमेरिका पर लगाए गए टैरिफ को लेकर चिंता जताई थी और भारत द्वारा अमेरिकी शराब और कृषि उत्पादों पर लगाए गए शुल्क का जिक्र किया था।
जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया में भू-आर्थिक नीतियों और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का नया दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, “आज की वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में अलग-अलग क्षेत्रों को विभाजित करने वाली रेखाएं धुंधली हो गई हैं। अब देशों के बीच व्यापार, कूटनीति और भू-राजनीति पहले से कहीं अधिक आपस में जुड़ गए हैं।”
जयशंकर की यह टिप्पणी स्पष्ट संकेत देती है कि भविष्य में वैश्विक व्यापार और आर्थिक नीतियों पर भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का और अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा।





