अमेरिका द्वारा वीज़ा रद्द किये जाने के बाद स्वदेश वापस लौटी भारतीय छात्रा

भारतीय नागरिक औ कोलंबिया विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट की छात्रा रंजनी श्रीनिवासन ने कथित तौर पर “आतंकवादी की वकालत” करने के कारण अपना वीजा रद्द होने के बाद स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ दिया. शुक्रवार (स्थानीय समय) को एक बयान में, यूएस सेक्रेटरी ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी क्रिस्टी नोएम ने कहा कि कोलंबिया विश्वविद्यालय में शहरी नियोजन की छात्रा श्रीनिवासन ने सीबीपी होम ऐप का उपयोग करके खुद को निर्वासित कर लिया.
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की एक विज्ञप्ति के अनुसार, “आज, सेक्रेटरी ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी क्रिस्टी नोएम ने घोषणा की कि कोलंबिया की एक छात्रा जिसका छात्र वीजा हिंसा और आतंकवाद की वकालत करने के कारण रद्द कर दिया गया था, उसने सीबीपी होम ऐप का उपयोग करके खुद को निर्वासित कर लिया और आईसीई ने एक फिलिस्तीनी छात्र को उसके समाप्त हो चुके एफ-1 वीजा की अवधि से अधिक समय तक रहने के लिए गिरफ्तार किया.”
अमेरिकी विदेश विभाग ने 5 मार्च को श्रीनिवासन का वीजा रद्द कर दिया था, उन पर “हमास का समर्थ कने वाली गतिविधियों” में शामिल होने का आरोप लगाया था. विज्ञप्ति में कहा गया, “भारत की नागरिक और राष्ट्रीय रंजनी श्रीनिवासन कोलंबिया विश्वविद्यालय में शहरी नियोजन में डॉक्टरेट की छात्रा के रूप में F-1 छात्र वीजा पर संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश किया. श्रीनिवासन हम्मास नामक आतंकवादी संगठन का समर्थन करने वाली गतिविधियों में शामिल थी. 5 मार्च, 2025 को विदेश विभाग ने उसका वीजा रद्ध कर दिया. होमलैंड सुरक्षा विभाग ने 11 मार्च को स्व-निर्वासन के लिए CBP होम ऐप का उपयोग करते हुए उसका वीडियो फुटेज प्राप्त किया है.”





