फैक्ट चेक: ट्रैफिक पुलिस कर्मी से मारपीट और बदसलूकी करते हुए लोगों का यह वीडियो उदयपुर की में हुई घटना का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: ट्रैफिक पुलिस कर्मी से मारपीट और बदसलूकी करते हुए लोगों का यह वीडियो उदयपुर की में हुई घटना का नहीं, जानें पूरा सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में समुदाय विशेष की टोपी पहने हुए कुछ लोग एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी से बदसलूकी तथा उनके साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उदयपुर में पुलिस द्वारा चालान काटने पर समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने पुलिस कर्मी के साथ ऐसी हरकत की।
फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “उदयपुर पारस चोराया पुलिस द्वारा चालान काटने पर मुसलमानो ने उनकी पिटाई की । जो कानून को चुनौती है । यह विडियो बताता है कि आगे हिन्दुस्तान मे क्या क्या होगा। कौन देश चलायेगा । और सबका भविष्य क्या होगा । कडवा सच यह है कि देश को बाहर से ज्यादा अन्दर से बहुत ज्यादा खतरा है । दोस्तों ईनसानीयत के नाते आपसे हाथ जोड़कर विनती है की यह विड़ीयो हर एक ग्रुप में भेजना है । कल शाम तक हर एक न्यूज़ चैनल में आना चाहिए* ।”

फैक्ट चेक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।
फैक्ट चेक:
न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि आठ साल पुराना है।
ट्रैफिक पुलिस कर्मी से मारपीट और बदसलूकी करते हुए युवकों का यह वीडियो हमें देखने में पुराना लगा। इसलिए इसकी सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो यूट्यूब पर NDTV के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। जिसे जुलाई 14, 2015 को अपलोड किया गया था।
प्राप्त यूट्यूब चैनल पर वीडियो के साथ अपलोड किए गए कैप्शन के मुताबिक वायरल वीडियो दिल्ली के गोकुलपूरी का है। जहां तीन युवकों को हेलमेट न पहनने तथा बाइक पर ट्रिपलिंग करने के आरोप में जुर्माना लगया गया था।
इसी जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू कर दिया। खोज के दौरान हमें आजतक की वेबसाइट पर भी वायरल वीडियो मिला जिसे जुलाई 13, 2015 को प्रकाशित की गयी एक रिपोर्ट में अपलोड किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के दो सिपाहियों को लोगों ने सिर्फ इसलिए पिटाई कर दी, क्योंकि उन्होंने एक लड़के का चालान काट दिया था। मामला दिल्ली में गोकुलपूरी के भजनपुरा इलाके बताया गया है।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2015 के दौरान का है, साथ ही वीडियो उदयपुर की घटना का नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का है।





