डॉलर के मुकाबले रुपया 87.29 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा

सोमवार को भारतीय रुपया 87.29 डॉलर प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापार शुल्कों की चिंता और वैश्विक बाजार की अनिश्चितताएं हैं.
इस साल रुपए में 1.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है और हालिया गिरावट को अमेरिकी सरकार के टैरिफ उपायों की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है. रुपया 43 पैसे की तेज गिरावट के साथ खुला और 87.29 के निचले स्तर को छू गया, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप के बाद यह थोड़ा संभलकर 87.13 पर पहुंच गया.
विश्लेषकों का मानना है कि यह तेज गिरावट मुख्य रूप से कनाडा, मैक्सिको और चीन के खिलाफ अमेरिका द्वारा शुरू किए गए टैरिफ युद्ध के कारण है. मुद्रा विशेषज्ञ केएन डे ने एएनआई को बताय कि “रुपया 43 पैसे के अंतर के साथ खुला, जो सबसे अधिक अंतर वाले शुरुआती दोर में से एक था, 87.29 के नए निचले स्तर को छू गया, लेकिन आरबीआई के हस्तक्षेप के कारण अब यह 87.13 पर कारोबार कर रहा है. रुपए में यह गिरावट पूरी तरह से टैरिफ युद्ध के कारण है, जो 1 फरवरी को कनाडा, मैक्सिको और चीन के साथ शुरू हुआ था.”
विशेषज्ञ ने कहा, “हालांकि ट्रंप ब्रिक्स देशों को भी धमकी दे रहे हैं, लेकिन यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि वह कब बटन दबाएंगे। यह रुपये के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है, लेकिन कुछ दिनों तक इंतजार करना और देखना बेहतर है.”





