गणेश चतुर्थी का पर्व आज, जानें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और विधि

गणेश चतुर्थी का पर्व आज, जानें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और विधि
आज गणेश चतुर्थी का महापर्व है। आज देशभर के पंडालों और घरों में गणपति बप्पा की स्थापना की जाएगी। हिन्दू धर्म में गणेश चतुर्थी का बड़ा महत्व है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि खास होती है क्योंकि गणेश पुराण के अनुसार भगवान गणपति का जन्म भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि, चित्रा नक्षत्र और मध्याह्र काल में हुआ था। इस दिन बप्पा को घर में विराजित किया जाता है और 10 दिनों तक उनकी सेवा और पूजा की जाती है। इसके बाद बप्पा का विसर्जन कर दिया जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बहुत ही अच्छा शुभ योग बन रहा है।
जानें क्या है शुभ मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी तिथि का आरंभ 6 सितंबर की दोपहर 3 बजकर 01 से होगा और समापन 7 सितंबर की शाम 5 बजकर 37 पर होगा। उदयातिथि होने के कारण गणेश चतुर्थी 7 तारीख को ही मनाई जाएगी। जिसके लिए मूर्ति स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 1 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा आज गणपति जी की मूर्ति स्थापना तीन शुभ मुहूर्त में कर सकते हैं।
क्या है पुजा की सही विधि
आज गणेश चतुर्थी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें। मूर्ति स्थापित करने के स्थान की साफ सफाई कर लें। सबसे पहले चौकी पर पीला या लाल रंग का कपड़ा अक्षत रखें। चौकी पर दाहीने ओर कलश स्थापित करें और फिर शुभ मुहूर्त में गणपति की प्रमिता स्थापित करें। भगवान को मोदक, लड्डू, फल, फूल, पूजा सामग्री अर्पित करें. गणेश चालीसा, गणेश स्तोत्र का पाठ करें और धूप-दीप जलाकर आरती करें। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को दुर्वा और फूलों की माला की अर्पित करें. साथ ही “वक्रतुण्डाय हुं” मंत्र का 54 बार जाप करें।





