ताज़ा खबरेंभारतविदेश

94 साल की बुजुर्ग महिला ने छोड़ी अमेरिकी नागरिकता, आखिरी समय अपने गांव में बिताने के लिए फिर बनीं भारतीय नागरिक

आंध्र प्रदेश: इंसान चाहे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न पहुंच जाए, अपनी मिट्टी से जुड़ाव कभी खत्म नहीं होता। इसका भावुक उदाहरण आंध्र प्रदेश के बापटला जिले की 94 वर्षीय कोंड्रागुंटा महालक्ष्मम्मा ने पेश किया है।

बापटला जिले के चिंतागुम्पला गांव की रहने वाली महालक्ष्मम्मा अपने पति के निधन के बाद बेटे के साथ रहने के लिए अमेरिका चली गई थीं। वहीं उन्होंने अमेरिकी नागरिकता भी हासिल कर ली थी। लेकिन वर्षों तक विदेश में रहने के बावजूद उनका मन हमेशा अपने गांव और अपनी मातृभूमि में ही बसा रहा।

महालक्ष्मम्मा ने जिला प्रशासन से भारतीय नागरिकता दोबारा दिलाने की अपील करते हुए कहा कि उनकी आखिरी इच्छा अपने गांव में रहकर जीवन के अंतिम दिन बिताने की है।

उन्होंने कहा, “मेरी आखिरी इच्छा है कि मैं अपने जीवन का अंतिम समय भारत में बिताऊं। मेरे निधन के बाद मेरा अंतिम संस्कार भी मेरे पैतृक गांव में ही हो।”

उनकी भावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनकी भारतीय नागरिकता बहाल कर दी।

बुधवार को बापटला कलेक्टरेट में आयोजित एक विशेष समारोह में जिला कलेक्टर ने उन्हें निष्ठा की शपथ दिलाई और आधिकारिक रूप से भारतीय नागरिकता के दस्तावेज सौंपे।

इस तरह 94 वर्षीय महालक्ष्मम्मा ने अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़कर दोबारा भारतीय नागरिक बनकर अपनी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी की। अब वह अपने पैतृक गांव में रहकर जीवन का शेष समय बिताएंगी और उनकी अंतिम इच्छा भी अपनी जन्मभूमि की मिट्टी में पूरी होगी।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button