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फैक्ट चेक: पुराना है केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा जाति विशेष को अपशब्द कहे जाने का यह वीडियो, जानें पूरा सच

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फैक्ट चेक: पुराना है केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा जाति विशेष को अपशब्द कहे जाने का यह वीडियो, जानें पूरा सच

 

सोशल मीडिया पर नव नियुक्त केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में को भाषण देते हुए देखा जा सकता है, इसी दौरान वह अपने भाषण में हिन्दू समुदाय के जाति विशेष को अपशब्द कह देते हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर हालिया दिनों में शेयर किया जा रहा है।

फेसबुक पर वायरल पोस्ट को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “साला पंडित हरामी …. :- जीतन राम माँझी। प्रभु श्री राम को काल्पनिक बताने वाले,रावण को राम से ज्यादा बड़ा बताने वाले, राम चरित मानस का अपमान करने वाले। जीतन राम माँझी को नरेंद्र मोदी जी ने सरकार में केंद्रीय मंत्री की शपथ दिलायी है, शायद इसलिए कि इस चुनाव में इनलोगो के लिए प्रभु राम काम नहीं आ सके। ” 

 

फेसबुक के पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक:

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2022 के दौरान का है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई। जिसके बाद हमने अपनी पड़ताल शुरू की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया।

खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो वनइंडिया हिंदी नामक यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे दिसंबर 21, 2021 को अपलोड किया गया था। वीडियो में गयी जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ब्राह्मण समाज को उपशब्द कह रहे हैं। वीडियो में एंकर द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक यह वीडियो पटना में आयोजित भुइयां मिलन समारोह का है।

इसके बाद हमें वायरल वीडियो के मामले एक R भारत के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक दूसरा वीडियो मिला। जिसे दिसंबर 20, 2021 को अपलोड किया गया था। वीडियो में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बयान को लेकर अलग-अलग पार्टियों के नेता उनपर हमलावर दिखें। वीडियो के कैप्शन में जानकारी दी गयी थी कि जीतन राम मांझी ने अपने बयान को लेकर माफ़ी भी मांग ली हैं। वहीं वीडियो में आगे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए नज़र आये।

वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2021 के दौरान का है।