ताज़ा खबरें

पाकिस्तानी कर्नल ने 30 हज़ार देकर हमले के लिए भेजा, पकड़े गए आतंकी का कबूलनामा

पाकिस्तानी कर्नल ने 30 हज़ार देकर हमले के लिए भेजा, पकड़े गए आतंकी का कबूलनामा

 

जम्मू- कश्मीर के राजौरी जिले में पकड़े गए पाकिस्तानी आतकवादी ने एक बड़ा खुलासा किया है। पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि पाक खुफिया एजेंसी के एक कर्नल ने भारतीय सेना की चौकी पर हमले के लिए 30,000 रुपए दिए थे। सेना के अधिकारियों ने कहा कि पिछले छह साल में दूसरी बार हुसैन को सीमापार से इस तरफ घुसपैठ की कोशिश करने के दौरान गिरफ्तार किया गया। वह पाकिस्तानी सेना की एक खुफिया इकाई के लिए भी काम करता था।

 

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कोटली के सब्जकोट गांव के निवासी 32 वर्षीय तबारक हुसैन को नौशेरा सेक्टर में गिरफ्तार किया गया था। बता दें हुसैन अपने 4-5 साथियों के साथ LoC बॉर्डर के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। वह भारतीय पोस्ट के करीब तार काटने की कोशिश कर रहा था, तभी जवानों ने उसे देख लिया। जवानों ने उसे ललकारा, इसके बाद तबराक ने भागने की कोशिश की। फायरिंग में वह घायल हो गया और जिंदा पकड़ा गया। लेकिन भारतीय सैनिकों द्वारा ललकारे जाने पर उसके बाकी साथ उसे वहीं छोड़कर वापस भाग गए। ठीक होने पर उसने बयान दिया और बताया कि वह पाकिस्तान के कोटली जिले में रहता है। पूछताछ में उसने भारतीय चौकी पर हमले की साजिश का खुलासा किया। आतंकी तबराक हुसैन ने बताया कि उसे सेना की चौकी के पास हमला करने को कहा गया था।

तबराक ने बताया कि पाकिस्तान कर्नल यूनुस चौधरी ने उसे भारतीय चौकी पर हमला करने के लिए भेजा था। इसके लिए उसने 30 हजार पाकिस्तानी रुपए की राशि भी दी थी।  जानकारी के मुताबिक तबराक को 2016 में भी इसी इलाके में भारतीय सेना ने गिरफ्तार किया था। तब वह अपने भाई हारुन अली के साथ आया था। हालांकि, तब सेना ने उसे मानवीयता के आधार पर रिहा कर दिया था।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button