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ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर इमरान खान को दी भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत करने की सलाह

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भारत के लिए एक और राजनयिक जीत में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान से कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने के लिए कहा.

ट्रम्प और खान ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से कुछ घंटे पहले टेलीफोन पर बातचीत की.

उप प्रेस सचिव होगन गिदले ने एक बयान में कहा, “आज, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान के साथ क्षेत्रीय विकास पर चर्चा की और वाशिंगटन, डी.सी. की प्रधानमंत्री की सफल यात्रा पर भी चर्चा की.”

UNSC में हुई 'बंद कमरे' में बैठक के बीच इमरान खान ने डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मुद्दे पर की बात

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ट्रम्प ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने के महत्व को बताया.”

बातचीत के बाद,पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि खान ने ट्रम्प को पाकिस्तान की स्थिति से अवगत कराया है.

उन्होंने यह भी कहा कि परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में से चार के साथ सीधे संपर्क स्थापित किया गया था. और ‘फ्रांस के राष्ट्रपति से भी संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनका देश हमारी स्थिति को समझ सके.’

इस सब के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आज की बैठक में चीन-पाकिस्तान की धुरी विफल रही, जब परिषद के अधिकांश सदस्यों ने कश्मीर मामले को उठाने से इनकार कर दिया और इस मामले पर चीनी स्थिति को अस्वीकार कर दिया.

गुप्त बैठक के अंत में, जिसे चीन ने पाकिस्तान के इशारे पर बुलाया गया था, चीन और पाकिस्तान एक सदस्य के रूप में अलग-थलग हो गए क्योंकि किसी भी सदस्य ने उनकी स्थिति का समर्थन करने से इनकार कर दिया.

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बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए, भारत के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 से संबंधित मामले “पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला” है.

उनके सामने मीडिया को संबोधित करने वाले चीन और पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधियों का हवाला देते हुए, अकबरुद्दीन ने कहा कि राष्ट्रीय बयानों को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की इच्छा के अनुसार पारित करने की मांग की गई थी.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिए जाने के भारत के फैसले पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को बंद कमरे में असाधारण बैठक की. इस बैठक में पांच स्थायी सदस्य और केवल 10 अस्थायी सदस्य ही शामिल हो सकते थे.

भारत ने जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को पांच अगस्त को निरस्त कर दिया था और साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था.