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गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़ महाशिवरात्रि पर खुलेंगे हरयाणा के सभी जिले के मंदिर

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कोरोना महमारी का कहर भारत देश में लगातार जारी है। इस केहर के बीच सभी चीज़े अस्त – व्यस्त हो गयी है फिर चाहे वो एग्जाम हो या त्योहारों के समय में वो रौनक। इस साल सावन के दो सोमवार बीत चुके है ऐसे में न तो इस समय भक्तों की भीड़ दिखी और न ही सावन मास में वो रौनक। कोरोना के कारण कभी लॉक डाउन लग जाता है तो कभी अनलॉक होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है ।

ऐसे में हरियाणा की मनोहर सरकार ने सावन माह के महाशिवरात्रि पर्व को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शिव भक्तों को राहत देने के लिए हरियाणा सरकार ने दो जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर पूरे हरियाणा में मंदिरों को खोलने की अनुमति दी है। हालांकि इस छूट के साथ सभी नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

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NewsMobile Hindi यांनी वर पोस्ट केले सोमवार, ६ जुलै, २०२०

सशर्त खुलेंगे मंदिर

बता दे कि इस समय गुरुग्राम और फरीदाबाद कोरोना का हॉट स्पॉट बना हुआ है और यहां लगातार कोरोना के केस आ रहे हैं। इस मामले में सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती कि इन दोनों जिलों में महाशिव रात्रि पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो। सरकार ने सिर्फ गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़करबाकी अन्य जिलों में सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक शिव भक्त जलाभिषेक और आराधना कर सकेंगे। इसके साथ ही कुछ नियमों को भी लागू किया है जिनकी पालना सख्ती से की जानी जरूरी है।

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इन नियमों का करना होगा पालन

  • मंदिर केवल एक दिन के लिए सुबह 5 से रात्रि 10 तक खोलने कि अनुमति दी गयी है।
  • हरियाणा सरकार की ओर से जारी दिशा निर्देशों में स्पष्ट कर दिया है कि मंदिरों में सोशल डिस्टेंस का पूरा ध्यान रखना होगा।
  • शिव भक्तों के बीच दो गज की दूरी अनिवार्य है।
  • मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं सहित पुजारियों व अन्य कर्मचारियों का मॉस्क पहनना जरूरी है।
  • मंदिर में सार्वजनिक रूप से आरती भी नहीं की जायेगी जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ जुट सकें।
  • मंदिरों में सिर्फ एकल व्यक्ति द्वारा ही आरती की इजाजत है।

  • मंदिरों में किसी भी प्रकार का प्रसाद का वितरण भी नहीं किया जायेगा।
  • इसके साथ ही अरे सरकार की ओर से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि इस दौरान ना तो कोई पवित्र जल का छिड़काव कर सकेगा और ना ही किसी प्रकार के लंगर का वितरण । मंदिरों के आसपास सामूहिक तौर पर प्रसाद वितरण करने की अनुमति भी नहीं होगी और ना ही वह मंदिरों में आरती या अन्य धार्मिक गतिविधियों का आयोजन कर सकेंगे।
  • सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी स्वास्थ्य सुरक्षा की सभी उपायों का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।
  • सामूहिक तौर पर सामान्यतया 4 से 5 लोगों को मिलकर एक साथ पूजा करने की अनुमति नहीं होगी

आपको बता दे कि पूरे प्रदेश के कुल कोविड-19 संक्रमित मरीजों में से आधे से अधिक इन्हीं 2 जिले से मिले हैं और इन जिले में कंटेनमेंट जोन एवं सर्वाधिक संक्रमित क्षेत्रों की संख्या भी सबसे अधिक है। इसलिए प्रदेश सरकार ने 2 जिले को इस सुविधा से अलग रखने का फैसला किया क्योंकि सरकारी तंत्र को इस बात की आशंका है कि अगर यहां सामाजिक या धार्मिक गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी तो इससे एक दिन में ही संक्रमण की धीमी हुई रफ्तार फिर तेज हो सकती है।

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