नेपाल के विदेश मंत्री 5 से 7 जून तक भारत दौरे पर, द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा नया बल

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल 5 से 7 जून तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। यह यात्रा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर हो रही है।
नेपाल में हाल ही में हुए बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद यह दोनों देशों के बीच सबसे उच्चस्तरीय आधिकारिक संपर्क माना जा रहा है। मार्च में नेपाल के नए प्रधानमंत्री बलेंद्र “बालेन” शाह ने पदभार संभाला था। उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने चुनावों में बड़ी जीत हासिल की थी।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पहले वैश्विक नेताओं में शामिल थे जिन्होंने बालेन शाह को उनकी जीत पर बधाई दी थी। भारत दौरे के दौरान विदेश मंत्री शिशिर खनाल नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश आपसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बातचीत करेंगे। इनमें व्यापार, निवेश, डिजिटल और भौतिक कनेक्टिविटी, ऊर्जा सुरक्षा और सांस्कृतिक व सामाजिक संबंध शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत और बहुआयामी संबंधों को और मजबूती देगा।
इस बीच, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने भी भारत दौरे पर हैं और उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
भारत नेपाल का एक प्रमुख विकास सहयोगी रहा है। दोनों देशों के बीच विकास संबंधी सहयोग की शुरुआत 1951 में हुई थी। इसके बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, सड़क, कृषि, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और क्षमता निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ता गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-नेपाल संबंधों को नई दिशा देने और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।





