Hindi Newsportal

आजम खान को बर्खास्त करने के लिए स्पीकर से अनुरोध करेंगे: खान की अभद्र टिप्पणी पर रमा देवी

0 398

भाजपा सांसद रमा देवी ने सपा सांसद आजम खान की उनके खिलाफ अपमानजनक और कामुक टिप्पणी की निंदा की और कहा कि वह सदन के अध्यक्ष से उन्हें खारिज करने का अनुरोध करेंगी.

“हर किसी को संसद में कुर्सी पर बैठे व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए। मैंने आजम खान को इस तरह की टिप्पणी करने से रोकने की कोशिश की लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं थे. सभी जानते हैं कि आज़म खान महिलाओं का अपमान करते हैं. हम सब जानते हैं कि उन्होंने जयाप्रदा जी के बारे में क्या कहा था. उन्हें लोकसभा में रहने का कोई अधिकार नहीं है, मैं स्पीकर से उन्हें खारिज करने का अनुरोध करूंगी या उन्हें माफी मांगनी चाहिए.

गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद आजम खान द्वारा स्पीकर की कुर्सी पर विराजमान रमा देवी पर की गयी अभद्र टिप्पणी से सदन में बवाल मच गया.

सदन में बोलते हुए आजम खान ने स्पीकर की कुर्सी पर बैठीं रमा देवी से कहा,”आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आंखों में आंखें डाले रहूं.”

भाजपा सांसद रमा देवी ने आजम खान की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा,”यह बात करने का सही तरीका नहीं है, कृपया इस बयान को सदन के रिकॉर्ड से हटा दीजिये.” इसके बाद आजम खान ने सफाई देते हुए कहा,”आप बहुत सम्मानित हैं, आप मेरी बहन की तरह हैं.”

रमा देवी ने आजम खान के शब्दों को संसद की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया.

ALSO READ: अहमदाबाद: रिहायशी ईमारत में लगी आग, 2 की हालत गंभीर

भाजपा की ओर से माफी की मांग उठने पर आजम खान ने कहा कि अगर उन्होंने कुछ भी ऐसा बोला हो जो सदन की कार्यवाही के लिए गलत हो तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं. इसके बाद आजम खान सदन यह कहते हुए सदन छोड़कर चले गए कि बेइज्जती होने के बाद अब सदन में कुछ कहना का मतलब नहीं है.

भारतीय जनता पार्टी के लगातार प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव उनके बचाव में खड़े हुए और उन्होंने कहा कि आजम खान ने कुछ भी ऐसा नहीं बोला जिससे पीठ की गरिमा को ठेस पहुंची हो. “मुझे नहीं लगता कि आजम खान जी का मतलब कुर्सी (राम देवी) के प्रति कोई अनादर था. ये (बीजेपी सांसद) लोग इतने असभ्य हैं, ऊंगली उठाने वाले ये लोग होते कौन हैं?” जिसके बाद अखिलेश और भाजपा के सांसदों के बीच तीखी बहस हुई.

तीखी बहस के बाद अखिलेश यादव भी सदन छोड़कर चले गए.