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निपाह वायरस को लेकर WHO की चेतावनी, भारत तक ही सीमित हैं मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने शनिवार को निपाह वायरस को लेकर चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि निपाह वायरस के मामले भले ही बहुत कम होते हैं, लेकिन यह बीमारी गंभीर होती है। टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि निपाह वायरस से जुड़े मामले फिलहाल केवल भारत में ही सामने आए हैं और किसी अन्य देश से इसकी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले सामने आए हैं, जो 1998 में इस वायरस की पहचान के बाद राज्य में तीसरी बार दर्ज किए गए हैं।


WHO प्रमुख ने यह भी बताया कि भारत में स्वास्थ्य अधिकारी 190 से ज्यादा लोगों के संपर्कों की निगरानी कर रहे हैं और अब तक किसी में भी बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने निगरानी और जांच बढ़ा दी है, अस्पतालों में संक्रमण रोकने के उपाय लागू किए गए हैं और लोगों को बचाव के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।

WHO ने एक दिन पहले ही स्पष्ट किया था कि निपाह वायरस के फैलने का खतरा कम है और फिलहाल किसी भी तरह के यात्रा या व्यापार प्रतिबंध की जरूरत नहीं है। संगठन ने यह भी कहा कि इंसानों के बीच संक्रमण तेजी से फैलने के कोई सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए जोखिम कम बना हुआ है।

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि हुई थी, दोनों ही नर्स थे। बाद में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दोनों की हालत में सुधार हुआ है और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। पुरुष नर्स को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि महिला नर्स को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अभी निगरानी में रखा गया है।

WHO के अनुसार, दोनों मरीजों में दिसंबर 2025 के अंत में निपाह वायरस के गंभीर लक्षण दिखाई दिए थे और जनवरी 2026 की शुरुआत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 21 जनवरी 2026 तक एक मरीज की हालत में सुधार हुआ, जबकि दूसरा मरीज गंभीर अवस्था में इलाजरत था।

WHO ने बताया कि निपाह वायरस चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। यह संक्रमण दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क से हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं, जिससे इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।

अगर संक्रमण गंभीर हो जाए तो दिमाग में सूजन आ सकती है और इस बीमारी में मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक हो सकती है।

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न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

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