‘हम सबको साथ लेकर चलते हैं’ — एनसीपी ने जारी किया अजित पवार की आखिरी फोन कॉल का ऑडियो

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अजित पवार की आखिरी फोन बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक किया है। यह कॉल पिछले हफ्ते हुए विमान हादसे से कुछ ही मिनट पहले की बताई जा रही है, जिसमें अजित पवार का निधन हो गया था। 66 वर्षीय अजित पवार ने मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरने से पहले पार्टी कार्यकर्ता और रिश्तेदार श्रीजीत पवार से बात की थी।
इस आखिरी बातचीत में अजित पवार ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी सभी जातियों और धर्मों को बराबरी के साथ आगे बढ़ा रही है। बातचीत को याद करते हुए श्रीजीत पवार ने बताया कि उन्होंने अजित पवार को एक संदेश भेजा था और जैसे ही उन्हें नेटवर्क मिला, अजित पवार ने खुद फोन करके बात की। महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार की यह कॉल हादसे से करीब 10 मिनट पहले हुई थी।
ऑडियो में अजित पवार कहते सुनाई देते हैं कि पार्टी ने जिला परिषद चुनावों में सभी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। उन्होंने विशेष रूप से माली समाज को प्रतिनिधित्व देने का भी जिक्र किया और कहा कि हर वर्ग के साथ न्याय करने का प्रयास किया गया है। इस पर श्रीजीत पवार ने जवाब दिया कि दादा जो भी फैसला सही समझें, वही करें।
एनसीपी नेताओं के मुताबिक, अजित पवार अपने आखिरी दिनों में पार्टी के दोनों गुटों के विलय को लेकर काफी गंभीर थे। उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों से कहा था कि यह प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसे महाराष्ट्र की राजनीति में पार्टी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा था। उनके करीबी सहयोगी किरण गुजर ने भी बताया कि शरद पवार समेत वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही थी।
बारामती एनसीपी इकाई ने बताया कि यह ऑडियो इसलिए सार्वजनिक किया गया है ताकि लोगों तक अजित पवार के आखिरी विचार पहुंच सकें। श्रीजीत पवार ने कहा कि पार्टी चाहती है कि महाराष्ट्र जाने कि अजित पवार आखिरी सांस तक एकता, समानता और सभी को साथ लेकर चलने की सोच रखते थे।
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शामिल रहे हैं। वे छह बार अलग-अलग सरकारों में इस पद पर रहे और पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके थे।





