चीनी AI मॉडल्स पर अमेरिका सख्त, राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर जांच शुरू

अमेरिका में चीनी कंपनियों द्वारा बनाए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ गई है। डेटा सुरक्षा, साइबर खतरे और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को देखते हुए अमेरिकी सांसदों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
यह जांच हाउस सिलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के चेयरमैन जॉन मूलनार और हाउस कमेटी ऑन होमलैंड सिक्योरिटी के चेयरमैन एंड्रयू गारबारिनो की ओर से शुरू की गई है। जांच में चीन की कई बड़ी AI कंपनियों जैसे DeepSeek, Alibaba, Moonshot AI और MiniMax के मॉडल्स की समीक्षा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अमेरिकी कंपनियां इन AI सिस्टम्स का किस तरह इस्तेमाल कर रही हैं।
जॉन मूलनार ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों द्वारा चीनी AI मॉडल्स का इस्तेमाल सुरक्षा कमजोरियां पैदा कर सकता है और संवेदनशील डेटा के लीक होने का खतरा बढ़ा सकता है। उनका कहना है कि चीन के कानून कंपनियों को सरकार के साथ डेटा साझा करने के लिए मजबूर कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि समिति Airbnb और Anysphere जैसी कंपनियों से भी जवाब मांगेगी कि वे इन AI सिस्टम्स का कितना और कैसे इस्तेमाल कर रही हैं।
वहीं एंड्रयू गारबारिनो ने कहा कि चीनी AI तकनीक का तेजी से विस्तार अमेरिका की तकनीकी बढ़त को चुनौती दे सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सिस्टम विदेशी AI टूल्स पर ज्यादा निर्भर हो गए, तो इससे लंबे समय में सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।
वॉशिंगटन में पहले से ही यह चिंता जताई जा रही है कि कुछ चीनी AI कंपनियां अमेरिकी AI सिस्टम्स की क्षमताओं को कॉपी करने के लिए खास तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि AI डेवलपमेंट में ऐसी तकनीक आम मानी जाती है, लेकिन बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर ऐसा करना बौद्धिक संपदा और साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े करता है।





