यमन पर अमेरिकी हवाई हमलों में 200 से अधिक मौतें, रास ईसा बंदरगाह पर सबसे घातक हमला

यमन में अमेरिकी सेना के ताजा हवाई हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। शनिवार को हूती विद्रोहियों के मीडिया कार्यालय ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने राजधानी सना और हूती नियंत्रित तटीय शहर होदेदा में कम से कम 13 हवाई हमले किए। इन हमलों में फिलहाल किसी के हताहत होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले के हमलों ने भारी जानमाल का नुकसान पहुंचाया है।
हूती समर्थित यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते बृहस्पतिवार को अमेरिकी सेना ने होदेदा प्रांत के रास ईसा बंदरगाह पर हमला किया, जिसमें 74 लोगों की मौत हुई और 171 से अधिक घायल हो गए। यह हमला अब तक के अमेरिकी हवाई अभियानों में सबसे घातक माना जा रहा है।
हूती विद्रोहियों का कहना है कि अमेरिका ने लाल सागर स्थित होदेदा के एक एयरपोर्ट और बंदरगाह को भी निशाना बनाया। इससे पहले के हमलों में लाल सागर के बंदरगाह को काफी नुकसान पहुंचा था। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड, जो मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों की निगरानी करती है, ने पुष्टि की कि यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ हमले जारी रहेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने रास ईसा पर हुए हमले और हूतियों द्वारा इस्राइल और समुद्री मार्गों पर किए जा रहे ड्रोन व मिसाइल हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है। यूएन प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के अनुसार, महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी पक्षों से नागरिकों और नागरिक ढांचे की रक्षा करने की अपील की है।
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसके हवाई हमलों का उद्देश्य यमनी नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं है। हालांकि, संभावित नागरिक हताहतों के सवालों पर सेंट्रल कमांड ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 16 मार्च से अब तक अमेरिकी हवाई अभियानों में करीब 200 लोगों की जान जा चुकी है।
यमन में अमेरिका और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ता संघर्ष क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा बना रहा है, जबकि नागरिकों को इसकी सबसे भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।




