लाल क़िला ब्लास्ट में बड़ा खुलासा: घटनास्थल से मिले 9mm कारतूस

दिल्ली के लाल क़िले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट मामले में नई जानकारी सामने आई है। एएनआई के हवाले से दिल्ली पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल से मिले तीन कारतूस — दो जिंदा और एक खाली — 9mm कैलिबर के हैं। यह वही गोला–बारूद है जिसकी आम लोगों को रखने की अनुमति नहीं होती और जिसे आमतौर पर सुरक्षा बलों या सरकारी मंजूरी प्राप्त लोगों को ही जारी किया जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कारतूस तो मिले हैं, लेकिन वहाँ कोई हथियार या बंदूक का हिस्सा नहीं पाया गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि ये कारतूस वहाँ कैसे पहुँचे। जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगा रही हैं कि क्या ये कारतूस संदिग्ध से जुड़े थे या किसी अवैध नेटवर्क के जरिए आए। यह सुराग अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
जांच में यह भी पुष्टि हुई है कि कार ब्लास्ट को अंजाम देने वाला व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी था। डीएनए टेस्ट में उसके नमूने उसकी मां से मैच हो गए हैं। इसी मामले से जुड़े एक और बड़े कदम में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने जम्मू-कश्मीर के चार डॉक्टरों —
डॉ. मुज़फ्फ़र अहमद, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. मोज़ामिल शकील और डॉ. शाहीन सईद — के नाम मेडिकल रजिस्टर से हटा दिए हैं।
इनमें से डॉ. राथर, डॉ. शकील और डॉ. सईद को दिल्ली पुलिस ने ब्लास्ट केस के सिलसिले में गिरफ्तार भी किया है। बताया जा रहा है कि इनका पहले के कुछ आतंक से जुड़े मामलों से भी संबंध था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आठ लोगों के एक समूह ने चार अलग-अलग शहरों में एक साथ विस्फोट करने की योजना बनाई थी। हर दो लोगों की एक टीम बनाई गई थी और हर टीम अपने-अपने लक्ष्य पर कई IED ले जाकर धमाके करने वाली थी।
इस मामले में नाम आने के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी तरह का संदिग्ध केमिकल या सामग्री नहीं रखा गया था और संस्था का किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। फॉरेंसिक टीमों ने मौके से डीएनए, विस्फोटक सामग्री और अन्य सबूत इकट्ठा कर लिए हैं। सभी नमूने लैब में भेजे गए हैं। अब इस पूरे केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।
नौगाम थाने में अलग धमाका, 9 जवानों की मौत
इस बीच, शुक्रवार देर रात जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए एक अलग और आकस्मिक धमाके में 9 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हुए हैं। धमाके की वजह का पता लगाने के लिए अलग से जांच जारी है।





