प्रधानमंत्री मोदी का भूटान दौरा, वैश्विक शांति के लिए ‘कालचक्र’ अनुष्ठान में हुए शामिल

भूटान के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को थिम्पू में भूटान के पूर्व राजा और चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक से भेंट की. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव के अंतर्गत आयोजित कालचक्र सेरेमनी में हिस्सा लिया — यह तिब्बती बौद्ध धर्म का एक प्रमुख अनुष्ठान है, जिसका अर्थ है ‘समय का चक्र’. कालचक्र को बौद्ध धर्म का ‘महाकुंभ’ भी कहा जाता है, जिसमें विश्व शांति के लिए सामूहिक प्रार्थनाएं की जाती हैं और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अनुष्ठान की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए लिखा,
“महामहिम चतुर्थ नरेश के साथ कालचक्र ‘समय का चक्र’ सेरेमनी का उद्घाटन करने का सम्मान मिला. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता परम पावन जे खेनपो ने की, जिससे यह अवसर और भी विशेष बन गया. यह दुनिया भर के बौद्धों के लिए अत्यंत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाला अनुष्ठान है. कालचक्र सशक्तिकरण इस चल रहे वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव का हिस्सा है, जिसने भूटान में बौद्ध धर्म के विद्वानों और अनुयायियों को एक मंच पर लाया है.”
Had the honour of inaugurating Kālacakra ‘Wheel of Time’ Empowerment with His Majesty Jigme Khesar Namgyel Wangchuck, the King of Bhutan and His Majesty The Fourth Druk Gyalpo. It was presided over by His Holiness the Je Khenpo which made it even more special. This is an… pic.twitter.com/H4ZOFvOkZn
— Narendra Modi (@narendramodi) November 12, 2025
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक को उनकी 70वीं जयंती पर बधाई दी. उन्होंने भारत सरकार और जनता की ओर से पूर्व राजा के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की, साथ ही भारत-भूटान मैत्री को सुदृढ़ बनाने में उनके योगदान के लिए आभार प्रकट किया.

दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में द्विपक्षीय संबंधों और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर दोनों देशों के बीच मौजूद आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया, जो भारत और भूटान के लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाते हैं.
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर साझा पोस्ट में लिखा,
“महामहिम चतुर्थ नरेश के साथ एक सार्थक बातचीत हुई. भारत-भूटान संबंधों को और मजबूत करने में उनके अमूल्य प्रयासों की सराहना की. हमने ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की. मैंने गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना की प्रगति की भी सराहना की, जो हमारी एक्ट ईस्ट नीति के अनुरूप है.”
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान में चौथे नरेश की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भाग लेकर भारत और भूटान के बीच स्थायी मित्रता और गहरे आध्यात्मिक संबंधों को पुनः सशक्त करने का संकल्प दोहराया.





