Hindi Newsportal

फैक्ट चेक: पीएम मोदी के भाषण का पुराना वीडियो गलत संदर्भ में हो रहा है वायरल,ज्ञानवापी मस्जिद से नहीं है कोई वास्ता

0 1,050

फैक्ट चेक: पीएम मोदी के भाषण का पुराना वीडियो गलत संदर्भ में हो रहा है वायरल,ज्ञानवापी मस्जिद से नहीं है कोई वास्ता

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी  के भाषण का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पीएम मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘हमारा तो उत्तर प्रदेश ऐसा है कि यहां भी खुदा, उधर भी खुदा, जहां नही खुदा है, वहां कल खुदेगा’ पीएम मोदी के इसी भाषण के वीडियो को हालिया ज्ञानवापी मुद्दे के संबंध में इंटरनेट पर शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने यूपी के विवादित धर्मस्थलों की खुदाई होने की बात को पहले ही बता दिया था।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है कि,” यहां भी खुदा, वहां भी खुदा, जहां नही खुदा है, वहां कल खुदेगा, ज्ञानवापी हमारा है।

 

फेसबुक पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

फैक्ट चेक: 

वायरल वीडियो हमें देखने में पुराना लगा इसलिए वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पड़ताल की। पड़ताल एक दौरान हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज टूल के माधयम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो से मेल खाती एक तस्वीर ABP की वेबसाइट पर सितंबर 23, 2017 को प्रकाशित एक लेख में मिली। वेबसाइट पर तस्वीर की कोई खास जानकारी नहीं दी गयी है, लेकिन ABP की वेबसाइट पर प्राप्त लेख से यह साफ़ हो गया कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।

वायरल वीडियो की सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर बारीकी से तथ्यों को खंगालने का प्रयास किया। जिसके बाद हमें न्यूज़ 18 की वेबसाइट पर मार्च 05, 2017 को प्रकाशित एक लेख में वायरल वीडियो क्लिप का पूरा वीडियो मिला। लेख के मुताबिक वायरल वीडियो 05 मार्च साल 2017 के दौरान का है जब पीएम मोदी वाराणसी में रोड शो करने के बाद काशी विद्यापीठ से चुनावी सभा को सम्बोधित कर रहे हैं।

 

 

उपरोक्त प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर कुछ संबंधित कीवर्ड्स से और बारीकी से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें वायरल वीडियो BJP के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी मिला। जिसे मार्च 05, 2017 को अपलोड किया गया था। ट्विटर पोस्ट में दिए गए लिंक में पूरा वीडियो देखें।

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से पता चला कि वायरल वीडियो मौजूदा दिनों का नहीं बल्कि साल 2017 के दौरान का है। जहां पीएम मोदी उत्तर प्रदेश की तत्कालीन अखिलेश यादव की सपा सरकार पर तंज कसने के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। इसलिए इस वीडियो का मौजूदा वाराणसी के ज्ञानवापी में हुए हालिया सर्वे से कोई संबंध नहीं है।