हॉर्मुज संकट से तेल बाजार में उछाल: अमेरिकी कार्रवाई और ईरान की चेतावनी के बीच कच्चा तेल महंगा

एशियाई बाजारों में सोमवार सुबह ग्लोबल ऑयल प्राइस में तेज उछाल देखने को मिला, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के झंडे वाले एक कार्गो जहाज को रोककर कब्जे में ले लिया है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
तेल की कीमतों में तेज बढ़त
तनाव बढ़ने के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आया। ब्रेंट क्रूड करीब 4.7% बढ़कर 94.66 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड लगभग 5.6% चढ़कर 88.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। यह बढ़त सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के कारण आई है।
Strait of Hormuz पर संकट गहराया
ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि वह Strait of Hormuz को व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद कर रहा है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के लगभग 20% तेल और LNG सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार को सीधे प्रभावित करता है।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
इस साल की शुरुआत से ही अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर तेल बाजार पर लगातार दिख रहा है। पहले जहां कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे थीं, वहीं अब यह 100 डॉलर के करीब पहुंच चुकी हैं और पहले मार्च में 120 डॉलर तक भी जा चुकी हैं।
बातचीत पर अनिश्चितता बरकरार
अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि बातचीत फिर से शुरू हो सकती है और एक प्रतिनिधिमंडल भेजा जा सकता है, लेकिन ईरान की ओर से फिलहाल इसमें शामिल होने के संकेत नहीं हैं। इससे स्थिति और अनिश्चित बनी हुई है।
एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा असर
इस संकट का सबसे ज्यादा असर एशियाई देशों पर पड़ रहा है, जो ऊर्जा के लिए इस मार्ग पर काफी निर्भर हैं। कई देशों ने ऊर्जा बचत के उपाय शुरू कर दिए हैं, वहीं एयरलाइंस और इंडस्ट्रीज बढ़ती ईंधन कीमतों के लिए तैयारी कर रही हैं।
Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और अमेरिकी कार्रवाई ने वैश्विक तेल बाजार को फिर अस्थिर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है, जिससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ना तय है।






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