“सभ्य समाज में जगह नहीं” : दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘वॉल्यूम 1’ को बताया बेहद आपत्तिजनक

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक विवादित गाने ‘वॉल्यूम 1’ को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए उसे तुरंत सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है। यह गाना यो यो हनी सिंह और बादशाह से जुड़ा बताया जा रहा है।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गाने को “बेहद अश्लील” और “महिलाओं के लिए अपमानजनक” बताया। कोर्ट ने कहा कि इसके बोल महिलाओं को नीचा दिखाते हैं और उनमें किसी भी तरह की कला, साहित्य या सामाजिक मूल्य नहीं है।
जज ने यह भी कहा कि यह उन दुर्लभ मामलों में से एक है, जहां गाने की सामग्री देखकर अदालत की अंतरात्मा तक झकझोर गई।
शीर्षक तक बताने लायक नहीं
कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि गाने की भाषा इतनी आपत्तिजनक है कि उसका पूरा नाम भी अदालत के आदेश में लिखना उचित नहीं है। साथ ही कहा गया कि किसी भी सभ्य समाज में इस तरह का कंटेंट स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सभी प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इस गाने को तुरंत सभी जगहों से हटाया जाए, जिसमें सोशल मीडिया, म्यूजिक ऐप्स और वीडियो प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यह आदेश गाने के हर वर्जन पर लागू होगा, चाहे वह रीमिक्स हो, छोटा क्लिप हो या कोई अन्य रूप।
क्या है पूरा मामला?
यह गाना पुराने हिप-हॉप ग्रुप ‘माफिया मुंडीर’ से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कई बड़े कलाकार शामिल थे। हालांकि, हनी सिंह और बादशाह ने इसमें अपनी भागीदारी से इनकार किया है। फिर भी कोर्ट ने इस पर गंभीरता से ध्यान दिया, खासकर जब यह जानकारी सामने आई कि गाने का कुछ हिस्सा एक कॉन्सर्ट में परफॉर्म किया गया था। दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला साफ करता है कि महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।




