NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा, NTA अधिकारियों की भूमिका से CBI ने किया इनकार

NEET-UG 2026: केंद्र सरकार द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने और मामले की जांच CBI को सौंपने के बाद अब 2024 के पेपर लीक मामले को लेकर भी बड़ा खुलासा सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में पाया गया है कि NEET-UG 2024 का पेपर लीक झारखंड में स्थानीय स्तर पर हुआ था और इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के किसी अधिकारी की सीधी भूमिका नहीं थी।
सूत्रों के मुताबिक, CBI ने अपनी जांच के दौरान लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें बिहार के एक गिरोह के सदस्य, हजारीबाग स्थित एक स्कूल के कर्मचारी, सॉल्वर गैंग और कई बिचौलिए शामिल थे। एजेंसी ने इस मामले में कुल पांच चार्जशीट दाखिल की थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य संदिग्ध संजीव मुखिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिसके चलते CBI ने उसे आरोपी नहीं बनाया।
CBI ने उन करीब 153 छात्रों और मेडिकल स्टूडेंट्स की सूची भी NTA को सौंपी थी, जिन्होंने कथित तौर पर “सॉल्वर” के रूप में काम किया या पेपर लीक का लाभ उठाया। एजेंसी का कहना है कि इसके अलावा परीक्षा संचालन में किसी बड़े सिस्टम फेलियर या संस्थागत गड़बड़ी के प्रमाण नहीं मिले।
इधर, NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद अब राजस्थान में सामने आए नए पेपर लीक मामले की जांच के लिए भी CBI विशेष टीम गठित कर सकती है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) पहले ही 15 लोगों को हिरासत में ले चुकी है, जिनमें कोचिंग सेंटर संचालक, कंसल्टेंट और सॉल्वर शामिल बताए जा रहे हैं।
NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि परीक्षा के प्रश्नपत्र GPS-ट्रैक्ड वाहनों के जरिए भेजे गए थे और हर पेपर पर यूनिक वॉटरमार्क पहचान मौजूद थी। साथ ही परीक्षा केंद्रों की निगरानी AI-सक्षम CCTV कैमरों के माध्यम से की गई थी।
एजेंसी के अनुसार, कथित गड़बड़ी की पहली जानकारी परीक्षा के चार दिन बाद यानी 7 मई की शाम को मिली थी, जिसके बाद 8 मई को मामले को केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया।
अब सभी की नजरें CBI की नई जांच पर टिकी हैं, क्योंकि NEET जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में लगातार हो रहे विवाद लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।





