भावनगर में एशियाई शेरों की सुरक्षा के लिए बढ़े कदम: शावकों की मौत के बाद प्रशासन सतर्क

गुजरात के गिर क्षेत्र से वन्यजीव प्रेमियों को परेशान करने वाली खबर सामने आई है। गिर के जंगलों में संदिग्ध बबेसिया संक्रमण (Babesia infection) के कारण आठ शेर के शावकों (Lion cubs) की मौत हो गई है। इस दुखद घटना के बाद वन्यजीव विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। एशियाई शेरों (Asiatic lions) को इस जानलेवा संक्रमण से बचाने के लिए भावनगर जिले में बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
संक्रमण को रोकने के लिए उठाए गए जरूरी कदम
संक्रमण को रोकने के लिए वन अधिकारियों ने शेरों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की व्यापक निगरानी के लिए एक सघन अभियान शुरू किया है। इसके तहत निम्नलिखित प्रमुख कार्य किए जा रहे हैं:
1. हेल्थ-मॉनिटरिंग एक्सरसाइज: वन क्षेत्र में रहने वाले शेरों के स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी लक्षण का समय रहते पता लगाया जा सके।
2.Deworming & De-ticking
शेरों को परजीवियों और कीड़ों से मुक्त करने के लिए विशेष दवाएं दी जा रही हैं, क्योंकि बबेसिया संक्रमण मुख्य रूप से टिक्स (किलनी) के माध्यम से फैलता है।
सघन फील्ड सर्विलांस (Intensified Field Surveillance): वन कर्मियों की टीमों द्वारा मैदानी स्तर पर गश्त और निगरानी को काफी तेज कर दिया गया है।
क्यों चिंता का विषय है यह संक्रमण?
एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास गुजरात का गिर क्षेत्र ही है। ऐसे में किसी भी संक्रामक बीमारी का फैलना इन दुर्लभ वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया गया है और रैपिड Action टीमें लगातार वन्यजीवों की स्थिति पर नजर रख रही हैं ताकि इस संक्रमण को आगे बढ़ने से पूरी तरह रोका जा सके।




