सामंथा की Maa Inti Bangaaram बनी पहली 100 करोड़ कमाने वाली महिला-केंद्रित तेलुगु फिल्म

Maa Inti Bangaaram Box Office: अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म ‘मां इंटी बंगारम (Maa Inti Bangaaram)’ ने बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रच दिया है। यह फिल्म दुनियाभर में ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली महिला-प्रधान (Female-Led) तेलुगु फिल्म बन गई है।
फिल्म के निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर इस उपलब्धि की घोषणा करते हुए इसे “Golden Century” बताया और दर्शकों का आभार जताया।
सामंथा ने जताई खुशी
फिल्म की सफलता पर सामंथा रुथ प्रभु ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से महिला-प्रधान फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री की सोच बदलने में मदद मिल सकती है।
सामंथा ने बताया कि रिलीज से पहले उन्हें इस बात की चिंता थी कि क्या दर्शक फिल्म के बारे में जानते हैं। उन्होंने यह भी याद किया कि एक प्रदर्शक (Exhibitor) ने उनसे पूछा था कि क्या लोग किसी महिला-केंद्रित फिल्म को देखने सिनेमाघरों तक आएंगे।
महिला-प्रधान फिल्मों के लिए दिया बड़ा संदेश
सामंथा ने कहा कि जोखिम उठाना जरूरी होता है और उन्हें उम्मीद है कि ‘मां इंटी बंगारम’ की सफलता के बाद प्रदर्शक महिला-प्रधान फिल्मों को नकारने के बजाय उन्हें मौका देंगे।
उन्होंने फिल्म के ₹100 करोड़ क्लब में शामिल होने पर अपनी प्रतिक्रिया का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया।
कई सितारों ने दी बधाई
फिल्म की सफलता पर काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, दिया मिर्जा और टिस्का चोपड़ा सहित कई कलाकारों ने सामंथा को बधाई दी।
काजल अग्रवाल ने सामंथा और पूरी टीम की मेहनत की सराहना करते हुए इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया।
क्या है फिल्म की कहानी?
‘मां इंटी बंगारम’ की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक पारंपरिक परिवार में बहू बनकर आती है। बाहर से वह शांत और आज्ञाकारी दिखाई देती है, लेकिन उसके अतीत में कई ऐसे रहस्य छिपे हैं जो उसकी नई जिंदगी को खतरे में डाल सकते हैं।
जब उसका अतीत सामने आने लगता है, तो वह उस परिवार की रक्षा के लिए संघर्ष करती है, जो खुद उस पर भरोसा करने में कठिनाई महसूस करता है।
तेलुगु सिनेमा में नया रिकॉर्ड
₹100 करोड़ की कमाई के साथ ‘मां इंटी बंगारम’ ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में महिला-प्रधान फिल्मों के लिए नया रिकॉर्ड बना दिया है। फिल्म की सफलता को न केवल बॉक्स ऑफिस उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि इसे कंटेंट-आधारित महिला-केंद्रित फिल्मों के लिए भी एक बड़ी जीत माना जा रहा है।





