असम में 472 करोड़ के ड्रग्स पर चला रोड रोलर, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद की कार्रवाई

Assam Drugs Disposal: असम सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई में ₹472.51 करोड़ मूल्य के जब्त मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। गुवाहाटी के बाहरी इलाके में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद रोड रोलर चलाकर ड्रग्स नष्ट किए। इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ड्रग तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
रोड रोलर से नष्ट किए गए करोड़ों के ड्रग्स
राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य सरकारी अधिकारी मौजूद रहे। जब्त किए गए मादक पदार्थों को केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए हाई-टेम्परेचर इंसीनरेटर के जरिए वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से नष्ट किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह ड्रग्स हजारों लोगों की जिंदगी बर्बाद कर सकते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें पूरी तरह खत्म कर दिया।
₹472 करोड़ के ड्रग्स का अंतिम संस्कार 🔥
Taking our fight against drugs to the next level, today we have destroyed ₹472cr of drugs, which could have destroyed precious lives.
We are relentless in our pursuit against drugs and have adopted a ZERO TOLERANCE policy towards it. pic.twitter.com/Dq3mlxRsh9
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) July 12, 2026
कौन-कौन से मादक पदार्थ किए गए नष्ट?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थों में शामिल हैं—
- 39.068 किलोग्राम मॉर्फिन
- 79.770 किलोग्राम अफीम
- 58.877 किलोग्राम हेरोइन
- 0.0471 किलोग्राम कोकीन
- 19.02 लाख याबा टैबलेट
- 2.29 लाख कफ सिरप की बोतलें
- 37,796.34 किलोग्राम गांजा
- 9.49 किलोग्राम पोस्ता (Poppy Straw)
पांच वर्षों में 3,300 से अधिक मामले दर्ज
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में असम पुलिस ने NDPS Act के तहत 3,300 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ड्रग्स म्यांमार से मिजोरम और मणिपुर के रास्ते असम पहुंचते हैं, जहां से उन्हें देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है।
हालांकि पुलिस ने कई तस्करों को गिरफ्तार किया है, लेकिन नेटवर्क के मास्टरमाइंड अक्सर भारत के बाहर से काम करते हैं, जिससे कार्रवाई चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
तस्करों के नए तरीके भी आए सामने
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि जांच एजेंसियों को ऐसे मामले भी मिले हैं, जिनमें तस्करों ने नकली प्लास्टर (Fake Leg Cast) के अंदर ड्रग्स छिपाकर तस्करी की कोशिश की। इसके अलावा कोकीन छिपाने के लिए छोटी-छोटी बोतलों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
उन्होंने कहा कि केवल सीमा पर बाड़ लगाने से समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर खुफिया तंत्र और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है।
‘ड्रग्स का कोई धर्म या जाति नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग तस्करी एक संगठित अपराध है और इसका किसी धर्म, जाति या समुदाय से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ड्रग तस्करों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
असम सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में भी ड्रग्स के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।





