
कोलकाता, पश्चिम बंगाल: तिलजला इलाके में एक लेदर गोदाम में लगी भीषण आग के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने बुधवार को स्पष्ट किया कि जिस इकाई में आग लगी, वह पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित हो रही थी। इस दुखद घटना में दो लोगों की जान चली गई और तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
हादसे की जांच के लिए गठित चार विभागों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि फैक्ट्री के पास कोई स्वीकृत बिल्डिंग प्लान नहीं था। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• फैक्ट्री बिना किसी वैध बिल्डिंग प्लान के चल रही थी।
• वहां अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) और बिजली के बुनियादी मानकों का पालन नहीं किया गया
• इकाई में सुरक्षा नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की गई थी।
सरकार की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं:
1. बिजली और पानी का कनेक्शन: CESC को तिलजला और कसबा जैसे क्षेत्रों में बिना स्वीकृत प्लान वाली अवैध फैक्ट्रियों की बिजली काटने का निर्देश दिया गया है।
2. विध्वंस के आदेश: कोलकाता नगर निगम (KMC) को अवैध ढांचे को एक दिन के भीतर गिराने और पानी की आपूर्ति बंद करने के आदेश दिए गए हैं। [image.png]
3. गिरफ्तारी: इस मामले में फैक्ट्री मालिक समेत दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह आग बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे लगी थी, जिसने देखते ही देखते पूरे इलाके को काले धुएं की चपेट में ले लिया।सरकार के इस कड़े कदम से उन अवैध कारोबारियों को सख्त संदेश गया है जो सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करते हैं।





