जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ के सिंहपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा, चटरू इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। सेना और पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन अभी भी जारी है, और इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि इलाके में कई आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साझा अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की। घिरने के बाद आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया।
इस बीच, मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तान स्थित चार आतंकवादी हैंडलर्स की संपत्तियों को जब्त किया था। यह कार्रवाई बारामूला जिले के सोपोर और पुलवामा जिले के अवंतीपोरा इलाकों में की गई। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सोपोर में तीन और अवंतीपोरा में एक संपत्ति को जब्त किया गया है। जिन आतंकियों की संपत्तियां जब्त की गई हैं, उनमें अर्शिद अहमद टेली (नवपोरा तुज्जर निवासी), फिरदौस अहमद डार उर्फ उमर डार और नज़ीर अहमद डार उर्फ शबीर इलाही (दोनों हरवान निवासी) शामिल हैं।
#WATCH | Kishtwar, J&K | Operation Trashi | Contact has been established with terrorists at Chhatru, Kishtwar, this morning. Additional troops have been inducted, and operations are ongoing to neutralise the terrorists: White Night Corps
(Visuals of Cordon and search operation;… https://t.co/bYOMqokOaM pic.twitter.com/HtGExNynDX
— ANI (@ANI) May 22, 2025
पुलिस ने बताया कि इन आतंकियों की कुल 29 मरले जमीन (करीब 8,000 वर्गफुट) को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 82 और 83 के तहत की गई, जिसमें कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग के सहयोग से इन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त किया गया।
बताया गया कि ये सभी आतंकी पहले ही कोर्ट द्वारा “घोषित अपराधी” (Proclaimed Offenders) घोषित किए जा चुके हैं और पाकिस्तान से आतंकवादी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। एक तरफ जहां सुरक्षाबलों ने किश्तवाड़ में दो आतंकियों को मार गिराकर बड़ी कामयाबी हासिल की है, वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा आतंकी हैंडलर्स की संपत्तियों की जब्ती आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती से आतंकियों के मंसूबों पर लगातार पानी फिरता दिख रहा है।





