भारत

भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1ए ने भरी पहली उड़ान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन

भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके1ए आज अपनी पहली उड़ान में आसमान में दिखाई दिया। यह उड़ान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक स्थित एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग डिविजन में हुई। यह कदम भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा, “आज HAL की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन हो रहा है, जो एलसीए एमके1ए तेजस बनाती है, साथ ही HTT-40 विमान की दूसरी उत्पादन लाइन भी शुरू हो रही है। नासिक ने रक्षा निर्माण में देश को हमेशा मजबूत स्तंभ प्रदान किया है। आज जब मैंने Su-30, तेजस और HTT-40 को उड़ान भरते देखा, तो गर्व महसूस हुआ। यह उड़ान भारत में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मिसाल है।”

हालांकि तेजस एमके1ए के वायुसेना में शामिल होने की तारीख का एलान नहीं हुआ है, लेकिन HAL का लक्ष्य अगले चार वर्षों में 83 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान वायुसेना को उपलब्ध कराना है। अमेरिकी इंजन की आपूर्ति में देरी के कारण पहले से कुछ देरी हुई है। नासिक की नई प्रोडक्शन लाइन से हर साल 8 लड़ाकू विमान बनाए जाएंगे। इसके अलावा बंगलूरू में मौजूद दो प्रोडक्शन लाइन से हर साल 16 विमान बनाए जा रहे हैं। इन सबके बाद कुल मिलाकर हर साल 24 तेजस विमानों का निर्माण संभव होगा।

तेजस Mk-1A स्वदेशी 4.5 पीढ़ी का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है, जिसे सभी मौसमों में तैनाती के लिए डिज़ाइन किया गया है। तेजस Mk-1 की तुलना में Mk-1A में कई उन्नत विशेषताएं हैं, जैसे:

  • इस्राइली EL/M-2025 AESA रडार

  • जैमर युक्त उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट

  • बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) क्षमता

ये विमान उच्च-खतरे वाले हवाई वातावरण में मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम हैं और भारत की रक्षा क्षमता को और मजबूत बनाएंगे।

Show More

न्यूज़ मोबाइल ब्यूरो

"न्यूज़ मोबाइल हिंदी" एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो पाठकों को ताज़ा ख़बरें, गहन विश्लेषण और अपडेट सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है। यह राजनीति, खेल, तकनीक, मनोरंजन और बिज़नेस जैसे विषयों पर समाचार प्रस्तुत करता है। साथ ही, इसमें फ़ैक्ट चेक (Fact Check) सेक्शन भी है, जिसके ज़रिए झूठी या भ्रामक ख़बरों की सच्चाई सामने लाकर पाठकों को विश्वसनीय और सही जानकारी दी जाती है। इसका मक़सद है—समाचारों के बीच तथ्य और अफ़वाह में स्पष्ट अंतर दिखाना।
Back to top button