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फैक्ट चेक: मंदिर में पूजा करते हुए राहुल गांधी का यह वीडियो बिहार चुनावों के बाद का नहीं, जानें पूरा सच

फैक्ट चेक: मंदिर में पूजा करते हुए राहुल गांधी का यह वीडियो बिहार चुनावों के बाद का नहीं, जानें पूरा सच

 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कुछ पुजारियों की भीड़ के भींच माथे पर भगवा तिलक लगाकर पूजा-अर्चना करते हुए देखा जा सकता हैं। इसी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बिहार चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस नेता व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भगवान को याद करते हुए उनकी पूजा अर्चना की।

फेसबुक पर वायरल वीडियो को शेयर कर हिंदी भाषा के कैप्शन में लिखा गया है कि “बिहार हारते ही कोट के ऊपर जनेऊ भगवा और भगवान सब एक साथ याद आ गया, तबियत ठीक तो है ना पगलवा की”  

फेसबुक के वायरल पोस्ट का लिंक यहाँ देखें।

 

फैक्ट चेक:

 

न्यूज़मोबाइल की पड़ताल में हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को देखने पर हमें इसके पुराने होने की आशंका हुई इसलिए सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल की। सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को कुछ कीफ्रेम्स में तोड़ा और फिर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च टूल से खोजना शुरू किया।

खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो का एक कीफ्रेम दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर  मार्च 14, 2024 को छपे लेख में मिला। यहाँ दी गई जानकारी के मुताबिक, उक्त वीडियो ”भारत जोड़ो न्याय’ यात्रा के दौरान का है जब राहुल गांधी महाराष्ट के नासिक पहुंचे थे तो उन्होंने इस दौरान नासिक के त्र्यम्बकेश्वर ज्योर्तिलिंग मन्दिर में पूजा की।

 

 

उपरोक्त मिली जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर बारीकी से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल वीडियो ABP न्यूज़ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला जिसे मार्च 14, 2024 को अपलोड किया गया है। यहाँ जानकारी दी गयी है कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की।

 

 

पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमने जाना कि वायरल वीडियो हालिया दिनों का नहीं बल्कि लोकसभा के दौरान का है, जिसे हालिया दिनों में शेयर किया गया है।

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Nupendra Singh

A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encourages me to work as a fact-checker in NewsMobile. I believe one should always check the facts before sharing any information with others. I have gained two years of experience in fact-checking
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