इंडिगो में फ्लाइट अव्यवस्था के बाद DGCA की कड़ी कार्रवाई, चार निरीक्षक बर्खास्त

इंडिगो में हाल ही में हुई भारी उड़ान अव्यवस्था के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने सख्त कदम उठाते हुए चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टरों (FOIs) को पद से हटा दिया है। ये अधिकारी इंडिगो की निगरानी के लिए नियुक्त प्रमुख संचालन निरीक्षक (PIO) थे, जिनका काम एयरलाइन की जरूरतों, क्रू की उपलब्धता और नियमों के पालन पर नज़र रखना था।
सूत्रों के अनुसार, 1 जुलाई 2025 से और फिर 1 नवंबर से लागू होने वाले नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) यानी क्रू रोस्टरिंग नियमों की जानकारी इंडिगो को पहले से थी। इन नियमों के लागू होने पर एयरलाइन को ज्यादा पायलटों की जरूरत पड़नी थी। बावजूद इसके, इंडिगो ने समय पर पायलटों की भर्ती नहीं की।
इसके चलते कंपनी नए नियमों के अनुसार उड़ान संचालन नहीं कर सकी और बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने की स्थिति बन गई। दबाव बढ़ने पर DGCA को A320 विमान के लिए नए FDTL नियमों को 10 फरवरी 2026 तक टालना पड़ा।
हालांकि इंडिगो और DGCA के बीच इस मुद्दे पर लगातार बातचीत चल रही थी, लेकिन पायलटों की आवश्यकता बढ़ने के बावजूद एयरलाइन ने भर्ती नहीं की। DGCA अब एयरलाइन को तुरंत पायलट भर्ती बढ़ाने का निर्देश दे चुका है। इंडिगो अभी भी यह दावा कर रहा है कि पायलटों की कमी नहीं है। सूत्र बताते हैं कि इंडिगो के पायलट और प्रबंधन के बीच अविश्वास बढ़ गया है। एयरलाइन का ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) पायलटों के बीच काफी नापसंद किया जा रहा है।
रात में लैंडिंग के लिए मिलने वाला अतिरिक्त भुगतान कुछ समय के लिए रोक दिया गया, जिससे पायलटों ने रात की लैंडिंग से इंकार करना शुरू कर दिया। नए कॉन्ट्रैक्ट में उड़ान घंटों की सीमा तय की गई और कई फैसलों ने दोनों पक्षों के बीच दूरी और बढ़ा दी। DGCA की इस कार्रवाई को इंडिगो संचालन में सुधार और उड़ानों में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।





